इलाहाबाद : उप्र लोकसेवा आयोग की ओर से होने जा रही एलटी ग्रेड शिक्षक
भर्ती 2018 में ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका नहीं मिल सका है,
जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने भी ट्रांसजेंडर पर्सन प्रोटेक्शन ऑफ राइट बिल
के तहत नौकरी और व्यवसाय में ट्रांसजेंडरों से भेदभाव न किए जाने की
व्यवस्था दी है।
वहीं इसके विपरीत आयोग ने शिक्षक भर्ती के ऑनलाइन आवेदन
में ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए कोई कॉलम ही निर्धारित नहीं किया था।
इस सवाल पर आयोग के पास कोई स्पष्ट जवाब भी नहीं है।
आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10768 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन
लिए हैं। 16 अप्रैल को ऑनलाइन करने की आखिरी तारीख थी लेकिन, अर्हता
निर्धारण से संबंधित कई याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से पिछले दिनों हुए
आदेश के बाद आयोग ने याचियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका देने की
बात कही है। वहीं, इस भर्ती परीक्षा में ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को शामिल
होने का मौका देने में आयोग ने कोई विचार नहीं किया। वेबसाइट पर ऑनलाइन
आवेदन के प्रारूप में पुरुष और महिला अभ्यर्थी का विकल्प कॉलम तो रखा गया
था लेकिन, ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए कॉलम नहीं बनाया गया। आयोग के
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों को यह भी नहीं पता है कि ट्रांसजेंडर
अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है या नहीं। इस सवाल पर आयोग के अधिकारी हड़बड़ा
गए हैं और इसका जवाब देने से बचने का प्रयास किया। सर्वोच्च न्यायालय की
गाइड लाइन पर भी आयोग ने चुप्पी साध ली है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है
कि आवेदन करने में किसी को मनाही नहीं थी। फार्म के प्रारूप में
ट्रांसजेंडर का कॉलम न होने की बात पर उन्होंने परीक्षा नियंत्रक से सही
स्थिति का पता लगाने की बात कही। उधर, परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार ने
सवाल सुनते ही फोन काट दिया।
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