1प्रदेश में 12416 पदों के लिए नवंबर 2016 में ही कट आफ मेरिट जारी हो गई। सभी जिलों में काउंसिलिंग भी करा ली गई लेकिन नियुक्ति के दो दिन पूर्व ही सरकार ने नई तैनाती पर रोक लगा दी थी। एक साल तीन महीने तक नियुक्ति पर रोक लगी रही। न्यायालय के निर्देश पर सरकार ने पुन: काउंसिलिंग कराने को कहा। 29 अप्रैल को काउंसिलिंग शुरू हुई।
पहले दिन 120 महिला व दिव्यांगों ने बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में काउंसिलिंग कराई। इस बार यह व्यवस्था थी कि महिलाएं या दिव्यांग अपने विद्यालय का चयन स्वयं करें। काउंसिलिंग के लिए आए शिक्षकों ने कार्यालय के बाहर चस्पा विद्यालयों की सूची देखकर ही आए, उन्होंने जो विद्यालय मांगा उनकी वहां तैनाती की गई। इसके पूर्व अधिकारी स्वयं विद्यालयों का आवंटन करते थे। नई व्यवस्था को शिक्षकों ने पारदर्शी बताया। सोमवार को पुरुष शिक्षकों को विकास खंडवार रोस्टर के अनुसार विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा।
रह गए 12 पद खाली : 1216 पदों के सापेक्ष जिले में शिक्षकों के 12 पद खाली रह गए। इन पदों में एसटी, भूतपूर्व सैनिक व अन्य कैटगरी के अभ्यर्थी ही नहीं थे। इसलिए कुल 204 पदों पर ही काउंसिलिंग कराई गई। बीएसए के अनुसार खाली पदों की सूची निदेशालय भेज दी गई है। वहीं जिन पदों पर काउंसिलिंग हुई है उन्हें एक मई को तैनाती मिलेगी.
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