इलाहाबाद उप्र लोकसेवा आयोग और परीक्षाओं में ‘प्रश्न-उत्तर’ के विवाद
का चोली दामन का साथ हो गया है। लगभग सभी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की ओर
से आपत्ति और आयोग की ओर से संशोधन के बाद भी स्थिति ढाक के तीन पात वाली
रह जाती है।
कुछ यही हाल आठ अप्रैल को हुई आरओ-एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा
2017, को लेकर भी होने की संभावना है। आयोग की ओर से इस परीक्षा की उत्तर
कुंजी जारी नहीं हुई है और अभ्यर्थियों के पास आपत्तियों की फेहरिस्त तैयार
है।1आयोग ने प्रदेश के 21 जिलों में आठ अप्रैल को आरओ-एआरओ 2017 की
प्रारंभिक परीक्षा कराई है। पढ़ाकू अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भी आयोग
की कई गलतियां पकड़ ली हैं, जिन पर उत्तर कुंजी जारी होते ही आपत्ति
प्रस्तुत करने की तैयारी है। अभ्यर्थियों ने हंिदूी विषय में चार प्रश्नों
के उत्तर विकल्प में गलतियां पकड़ी हैं। इनमें प्रत्येक प्रश्नों के चार
विकल्पों में दो-दो विकल्पों को सही पाया गया है, जबकि चार में कोई एक
विकल्प सही होना चाहिए। यानी आयोग दो सही विकल्पों में किसी एक को सही
मानता है तो जिस अभ्यर्थी ने दूसरे सही विकल्प को चुना है उसका क्या होगा।
इसके अलावा जीएस यानी सामान्य अध्ययन में दो प्रश्नों के उत्तर विकल्प में
आयोग ने अभ्यर्थियों को अंगुली उठाने का मौका दे दिया है और एक प्रश्न को
ही अभ्यर्थियों ने गलत ठहराया है। जो प्रश्न अभ्यर्थियों की ओर से गलत
बताया जा रहा है वह भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित है। वहीं, इस विषय में
जिन दो प्रश्नों के उत्तर विकल्प गलत हैं वह संस्था और उसकी स्थापना साल
तथा जनगणना के आधार पर नगरीय करण से संबंधित है।1हालांकि विभिन्न कोचिंग
संस्थानों की ओर से भी अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए इंटरनेट पर उत्तर
कुंजी जारी की जा चुकी है जिससे मिलान कर अभ्यर्थियों ने ढेरों अन्य
आपत्तियां तैयार कर ली हैं। अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी होने वाली
उत्तर कुंजी का इंतजार है, जबकि पिछली परीक्षाओं में आयोग के रवैये को
देखते हुए उन्हें यह आशंका भी है कि आयोग इतनी जल्दी उत्तर कुंजी जारी नहीं
करेगा।’
आयोग की ओर से उत्तर कुंजी जारी होने से पहले ही अभ्यर्थियों ने पकड़ी गलतियां
हंिदूी के चार व जीएस में दो प्रश्नों के उत्तर गलत ठहराए, जीएस का एक गलत
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