लखनऊ : राज्य कर्मचारियों ने समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कर्मियों का स्थानांतरण
कर रहे अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है।
कर्मचारियों ने उन्हें बताया है कि प्रदेश के अधिकारी मनमाने आदेश जारी कर
समूह ‘क’ से ‘घ’ तक पर ट्रांसफर का एक ही फामरूला फिट कर रहे हैं, जबकि
स्थानांतरण नीति मुख्य रूप से समूह ‘क’ व ‘ख’ के लिए ही जारी की गई है।
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को बताया है कि 20 फीसद कार्मिकों को
स्थानांतरित करने के आदेश के सापेक्ष केवल तीन फीसद को ही स्थानांतरण भत्ता
मिल पा रहा है।1राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र
में बताया कि समूह ‘ग’ के कार्मिकों के स्थानांतरण को लेकर कार्मिक
नियमावली में उन्हें गृह जिले या प्रदेश संवर्ग होने पर गृह जिले के पास
रखने की व्यवस्था है लेकिन, कुछ विभागीय अधिकारी इसका पालन न करते हुए समूह
‘क’ की तरह समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कार्मिकों के लिए भी तीन साल जिले में और
सात साल मंडल में रखने की नीति जारी कर रहे हैं। परिषद अध्यक्ष हरिकिशोर
तिवारी ने बताया कि समूह ‘क’ व ‘ख’ कार्मिकों को स्थानांतरण पर संबंधित
जिले में राजकीय आवास व वाहन सहित सभी सुविधाएं प्राप्त होती हैं, जबकि
समूह ‘ग’ व ‘घ’ को यह नहीं मिलतीं। परिषद अध्यक्ष के मुताबिक नीति के तहत
कार्मिकों के स्थानांतरण भत्ते की व्यवस्था करके उसी अनुपात में ट्रांसफर
किए जाने के निर्देश हैं लेकिन, 20 फीसद कर्मचारियों को स्थानांतरित करने
के आदेश के सापेक्ष बजट केवल तीन फीसद कार्मिकों को आवंटित हो रहा है।
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