वहीं, परिणाम के समय यह आंकड़ा घटकर 10 लाख छह हजार 408 पर टिक गया है।1नकल पर अंकुश लगाने से परीक्षा के पहले दिन से ही नकलची छात्र-छात्रओं ने किनारा करना शुरू कर दिया और महज चौथे दिन ही परीक्षा छोड़ने वालों का आंकड़ा दस लाख पार कर गया। 10 लाख 44 हजार 619 यूपी बोर्ड के इतिहास में परीक्षा छोड़ने वालों की सर्वाधिक संख्या है। इसमें हाईस्कूल के छह लाख 24 हजार 473 व इंटर के चार लाख 20 हजार 146 छात्र-छात्रएं शामिल रहे। यह संख्या परीक्षा खत्म होने तक बढ़कर 11 लाख 29 हजार 786 हो गई। इसमें 469279 इंटर व 660507 परीक्षार्थी हाईस्कूल के थे। यह अलग बात है कि परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या उन्हीं जिलों व केंद्रों पर अधिक रही जो पिछले वषों में नकल कराने के लिए कुख्यात रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा ने परीक्षा छोड़ने वालों को गैर प्रांत के अभ्यर्थी बताया था।83 हजार हुए पहले ही बाहर 1परीक्षा के ठीक पहले यूपी बोर्ड प्रशासन ने 83753 परीक्षार्थियों के आवेदन सही न मिलने पर फार्म निरस्त हुए, उनके प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए। इसमें 49384 हाईस्कूल व 34369 इंटर के परीक्षार्थी थे।
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