लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा
ने राजकीय हाईस्कूल एवं इण्टर कालेजों के अध्यापकों के स्थानान्तरण सत्र
2018-19 में आॅनलाइन स्थानान्तरण किये जाने की नीति को मंजूरी प्रदान कर दी
है। इसके लिए राजकीय हाईस्कूल एवं इण्टर कालेजों को तीन जोनों में विभक्त
किया गया
है- जोन प्रथम में जनपद के म्युनिसिपल सीमा अथवा जिला मुख्यालय से
08 किमी. की दूरी जो अधिक हो, जोन द्वितीय में जनपद में तहसील मुख्यालय से
02 किमी. की दूरी तक तथा तीसरे जोन में प्रथम दोनों से भिन्न हों, आयेंगे।
स्थानान्तरण हेतु आवेदन 30 अप्रैल, 2018 तक किये जा सकेंगे। इसके अलावा
संवर्ग की संख्या के 20 प्रतिशत सीमा तक स्थानान्तरण किये जायेंगे।
स्थानान्तरण हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों में से निर्धारित मानक एवं गुणांक
के आधार पर अधिक गुणांक प्राप्त करने वाले शिक्षक एवं शिक्षिका का
स्थानान्तरण किया जायेगा। एक से अधिक आवेदकों का गुणांक समान होने पर
अधिकतम आयु वाले को वरीयता दी जायेगी। यदि आयु समान हो तो अपने संवर्ग में
वरिष्ठ शिक्षक को वरीयता दी जायेगी।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के
शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के स्थानान्तरण हेतु मानक एवं गुणांक निर्धारित किये
गये हैं। मुख्य मानक को चार श्रेणियों में विभक्त किया गया है। पहली
श्रेणी में ऐसे शिक्षक एवं शिक्षिका जिनके पति/पत्नी भारतीय सेना/वायु
सेना/नौ सेना अथवा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत हैं तथा सीमा पर
तैनात हंै, उनके लिए गुणांक 100 रखा गया है। दूसरी श्रेणी में गम्भीर
बीमारियों से ग्रसित जैसे स्वयं कैंसर, एड्स, किडनी, लीवर आदि गम्भीर
बीमारियों से रोग ग्रस्त अध्यापक द्वारा किसी प्रतिष्ठित चिकित्सालय
जैसे-एम्स, पी0जी0आई0, राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अथवा चिकित्सा बोर्ड
द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर, उनके लिए गुणांक 100 रखा गया
है।
तीसरी श्रेणी में ऐसे शिक्षक-शिक्षिका शामिल हैं, जिनकी आयु 30 जून
को 58 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, को इच्छित जनपद में ऐसे अध्यापकों के लिए
गुणांक 100 रखा गया है तथा चैथी श्रेणी में यदि पति-पत्नी दोनों शासकीय
सेवा में हैं, को एक ही जनपद/नगर/ स्थान पर के लिए 100 गुणांक रखा गया है।
इसके अतिरिक्त सहायक मानक को 08 श्रेणी में बांटा गया है। प्रथम श्रेणी
में जो स्वयं दिव्यांग की श्रेणी में हो तथा 40 से 60 प्रतिशत विकलांगता
हो, उसके लिए 10 गुणांक तथा 60 से 80 प्रतिशत विकलांगता की स्थिति में
गुणांक 20 रखा गया है।
द्वितीय श्रेणी में जिनकी पत्नी/पति/बच्चे किसी
दुर्घटना में शारीरिक रूप से अपंग/दिव्यांग है या कैंसर/एच0आई0वी0
(एड्स)/किडनी/लीवर गम्भीर रोग ग्रस्त शिक्षक/शिक्षिका द्वारा किसी
प्रतिष्ठित चिकित्सालय जैसे एम्स , पी0जी0आई0, राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अथवा चिकित्सा बोर्ड द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर गुणांक 10 रखा गया है।
तृतीय
श्रेणी में राष्ट्रीय/राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक/शिक्षिका के लिए
गुणांक 10 रखा गया है। चतुर्थ श्रेणी में ऐसी महिला शिक्षिका जो
विधवा/तलाकशुदा (प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर) के लिए गुणांक 10 रखा गया
है। पंचम श्रेणी में ऐसे पुरूष शिक्षक जो विधुर हैं और उन्होंने पुनः विवाह
नहीं किया है तथा उन्हें आवश्यक आश्रित बच्चों की देख-भाल करनी हो।
(प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर) के लिए गुणांक 10 रखा गया है। छठीं श्रेणी
में महिला शिक्षिका के लिए गुणांक 10 रखा गया है।
सातवीं श्रेणी में
ऐसे शिक्षक/शिक्षिका जिनका गत बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परीक्षाफल रहा
हो (प्रधानाचार्य तथा जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रमाण पत्र पर) के लिए
गुणांक 10 रखा गया है तथा आठवीं श्रेणी में प्रथम नियुक्ति की तिथि से 10
वर्ष के उपरान्त प्रत्येक वर्ष की सेवा पर एक अंक (अधिकतम 20 अंक) के लिए
गुणांक 20 रखा गया है।
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