बस्ती : महिला एसडीआइ प्रकरण में हुई कार्रवाई के विरोध में शिक्षक भी
लामबंद हो रहे है। शनिवार को प्राथमिक शिक्षक संघ चंद्रिका गुट के बैनर तले
शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय का घेराव किया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर
दिया। डीएम को ज्ञापन देकर मुकदमा वापस कराने की मांग की है।
आरोप मढ़ा कि महिला एसडीआइ द्वारा मनगढ़ंत कहानी गढ़कर शिक्षकों के
खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमा और निलंबन वापस लेने के लिए
शिक्षकों ने विभाग पर दबाव बनाया। हालांकि बीएसए दिन भर कार्यालय में
पहुंचे ही नही। जिलाध्यक्ष चंद्रिका ¨सह ने कहा कि शिक्षकों पर फर्जी
मुकदमा दर्ज कराया गया है। संगठन के वरिष्ठ नेताओं का नाम मुकदमें में
डालकर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। संबंधित महिला खंड शिक्षा अधिकारी पर
एक महिला शिक्षक के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। नामजद
शिक्षक नेताओं ने ही इस मामले को महिला आयोग के समक्ष पेश किया था। इसी
खुन्नश में इन शिक्षक नेताओं पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभाग
तत्काल अपनी कार्रवाई वापस ले। बालकृष्ण ओझा, दुर्गेश यादव, उमाकांत
शुक्ल,, शांतिभूषण त्रिपाठी, सुरेश गौड़, गौरव त्रिपाठी, अशोक यादव, राजेश
गिरी, उमाशंकर पांडेय, प्रताप नारायन, प्रदीप जायसवाल, अंबिका पांडेय,
समीउल्लाह, सुधीर तिवारी, प्रशांत, संतोष मिश्र, राजेश दुबे, राजन मौजूद
रहे।
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पुलिस ने दर्ज किया महिला एसडीआइ का बयान
शुक्रवार को महिला एसडीआइ गरिमा यादव के साथ हुई घटना के बाबत लालगंज
पुलिस ने शनिवार को उनका बयान दर्ज किया। पुलिस मामले की विवेचना में जुट
गई है। इस सिलसिले में संबंधित महिला अधिकारी अपने विभाग के समकक्ष
अधिकारियों के साथ थाने पहुंची। उन्होंने आपबीती बताई। वही थानाध्यक्ष अनिल
कुमार दुबे ने बताया कि एसडीआइ का बयान दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
घटना की तह तक जाने पर ही सत्यता पता चलेगी। विवेचना में दोष की पुष्टि न
होने तक शिक्षकों की गिरफ्तारी नही की जा सकती है।
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