आगरा। शिक्षामित्र मानदेय और एरियर के भुगतान के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के लिए भेजी जा रही धनराशि विभागों द्वारा ली ही नहीं जा रही है। साफ शब्दों में कहा जाए तो ये ग्रांट लैप्स हो गई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष के पास इसका सबूत भी है।
उन्होंने हाल ही में बीएसए अर्चना गुप्ता को मानदेय भुगतान को लेकर ज्ञापन भी सौंपा था।
ये है मामला
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र छौंकर ने बताया कि उनके पास शिक्षा निदेशक बेसिक का एक पत्र वायरल होता हुआ आया है। इस पत्र में साफ बताया गया है कि बेसिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नियुक्त शिक्षा मित्रों के मानदेय भुगतान के लिए आवंटित धनराशि को आहरित किया जाए। पत्र में बताया गया है कि 31 मार्च 2018 द्वारा को बेसिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नियुक्त शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए धनराशि आवंटित की गई, लेकिन विभागों द्वारा उक्त धनराशि का आहरण नहीं किया गया, जिसके चलते धनराशि कालातीत हो गई है।
मांगा गया स्पष्टीकरण
इस पत्र के माध्यम से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि धनराशि क्यों आहरित नहीं की गई, जिसके कारण ये धनराशि कालातीत हो गई। इसके लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उत्तरदायी मानते हुए उनके विरुद्ध क्यों न कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाए। इस सबंध में स्पष्टीकरण मेल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों के अधिकारियों को नोटिस
ये नोटिस वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आगरा , एटा , बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, हाथरस , कासगंज के साथ अन्य जिलों के वित्त एवं लेखाधिकारियों को भेजा गया है। वहीं इस मामले में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र छौंकर ने बताया कि शिक्षामित्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। फरवरी और मार्च माह का अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है। ऐसे में सरकार को ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
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