याचियों का कहना है कि वे सहायक अध्यापक थे। शीर्ष कोर्ट से समायोजन रद
होने के फैसले के बाद शिक्षामित्र के तौर पर पढ़ा रहे हैं। याचिका में कहा
गया है कि शीर्ष कोर्ट ने शिव कुमार पाठक केस में शिक्षामित्रों को आयु
सीमा में छूट देने तथा अगले दो साल में योग्यता हासिल करने के बाद भर्ती
में वरीयता देने का आदेश दिया है। 11 अप्रैल 2018 को जारी हुई 12,460 सहायक
अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को वरीयता नहीं दी जा रही है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से इस बावत जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सरकार से पूछा
है कि क्या शिक्षक भर्ती में वह शिक्षामित्रों को वरीयता देने पर विचार कर
रही है?
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- आउटसोर्सिंग से होगी एजुकेटर की भर्ती, मिलेगा 10313 रुपये मानदेय
Govt Jobs : Opening
शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों ने मांगी वरीयता, कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
विधि संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12,460 सहायक अध्यापक
भर्ती में शिक्षामित्रों को वरीयता देने की मांग में दाखिल याचिका पर राज्य
सरकार से जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई तीन मई को होगी। यह आदेश
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने नंद किशोर व 16 अन्य शिक्षामित्रों की
याचिका पर दिया है।
الاشتراك في:
تعليقات الرسالة (Atom)

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق