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आदित्यनाथ पहले योगी, शिक्षक, फिर सीएम

इलाहाबाद : योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी दो छवि चलती है। एक योगी की और दूसरी मुख्यमंत्री की। सुबह के करीब तीन घंटे उनके योगी होने का अहसास होता है, उसके बाद मुख्यमंत्री स्वरूप के दर्शन होते हैं। लेकिन मंगलवार को प्रतापगढ़ के मंगरौरा विकासखंड के कंधई मधुपुर गांव में लोगों ने उनका एक और रूप देखा, वह था शिक्षक रूप। वह भी तब, जब वे उच्च प्राथमिक विद्यालय में स्कूल चलो अभियान में बच्चों को संबोधित कर रहे थे।


कंधई मधुपुर गांव के पंचायत भवन में योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की रात बिताई। मंगलवार को संतों की तरह भोर में साढ़े तीन बजे उनकी दिनचर्या शुरू हुई। स्नान-ध्यान, पूजा-पाठ और योग-प्राणायाम करने में करीब छह बजे गए। उनके बारे में आम राय है कि वे सुबह थोड़ी देर गाय की सेवा जरूर करते हैं और उन्हें चारा खिलाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए रात में ही पांच गाय गांव से मंगवाकर विद्यालय परिसर में बंधवा दी गई थीं। सुबह करीब सवा छह बजे खेत से हरा चारा भी मंगवाकर रख दिया गया। इस बीच योगी आदित्यनाथ ने अखबार मंगवाया। मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव ने अफसरों को दौड़ाया। थोड़ी ही देर में अखबार उनके पास पहुंचाया गया। कुछ देर बाद उन्होंने गो-सेवा की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उनके निर्देश पर गायों के लिए फौरन चना, गुड़ और ब्रेड मंगवाया गया। इस बीच मंत्री, विधायक व पार्टी नेताओं का आना शुरू हो गया। चूंकि इसी परिसर से स्कूल चलो रैली का शुभारंभ भी होना था, इसलिए स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक व शिक्षिकाओं का आना शुरू हो गया। शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस व प्रशासन के आला अफसर पहले से व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में दौड़भाग कर रहे थे। इस दौरान कुछ अफसर बारी-बारी से मुख्यमंत्री के कक्ष में भी गए। तब तक पार्टी नेताओं व मंत्रियों का आना शुरू हो गया। वे भी मुख्यमंत्री से मिले। इधर, परिसर में ही पूजा कर रहे पुजारी को सीडीओ ने सतर्क किया। कहा कि यहीं रहिएगा, मुख्यमंत्री काली देवी की पूजा करने आ सकते हैं। इस पर पुजारी काली जी की मूर्ति के पास ही काफी देर तक खड़े रहे। करीब सात बजे कक्ष में नाश्ता पहुंचाया गया। 7.40 बजे प्रतापगढ़ पुलिस लाइंस से हेलीकॉप्टर गांव में बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर पहुंचा। 7.45 बजे योगी आदित्यनाथ अपने कक्ष से बाहर आए। सुरक्षा मे लगी सिक्योरिटी ने सभी को पीछे की ओर किया। कक्ष से निकले योगी सीधे पहुंच गए गायों के पास। गो-सेवा करने के बाद स्कूल परिसर में ही बने मंच पर पहुंचे और बच्चों के बीच एक शिक्षक के रूप में सीख दी। अब यहां से योगी के बाद शिक्षक की भूमिका निभाने के बाद मुख्यमंत्री के लिए योगी आदित्यनाथ की फ्लीट तैयार थी। करीब 8.20 बजे वह हैलीपैड के लिए रवाना हो गए। करीब पांच मिनट बाद मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर सुल्तानपुर के लिए उड़ गया।

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