अमेरिका की टुलेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान एक स्कूल में योग और दिमाग को तरोताजा रखने की गतिविधियों को शामिल कराया। उन्होंने साल के शुरू में तीसरी कक्षा के बच्चों में व्यग्रता की जांच की और उन्हें दो समूहों में बांटा। 20 बच्चों के एक समूह से आठ हफ्ते तक सांस लेने के अभ्यास समेत कई योग कराए गए। टुलेन के एसोसिएट प्रोफेसर एलेसेंड्रा बैजानो ने कहा, इससे बच्चों की मानसिक और भावनात्मक दशा में सुधार पाया गया। हमने स्कूल के शिक्षकों से योग से लाभ होने के बारे में भी सुना। उन्होंने कहा कि तीसरी कक्षा के बच्चों को चुनने की वजह यह है कि इस उम्र में पढ़ाई के मामले में उनसे अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं।

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