आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन जब
से रद किया है। शिक्षामित्रों के सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट चुका है। कई
शिक्षामित्र अपनी जान दे चुके हैं। वहीं कई शिक्षामित्र आर्थिक संकट से जूझ
रहे हैं।
रविवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष
ने आगरा
में एससी आयोग के अध्यक्ष और भाजपा सांसद डॉ.रामशंकर कठेरिया को अपनी
समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा और उनसे मांग की गई कि शिक्षामित्रों
को शिक्षक बनाने के लिए जिस प्रकार अन्य राज्यों ने मिसाल दी है उन्हें भी
उसका लाभ दिया जाए।
एससी आयोग के अध्यक्ष के खंदारी आवास पर पहुंचे शिक्षामित्र
शिक्षामित्र
आपके द्वार के तहत जनपद आगरा में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ
के बैनर तले जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह छौंकर के नेतृत्व में पूर्व
केंद्रीय राज्य शिक्षामंत्री एवं अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष
सांसद रामशंकर कठेरिया से उनके खंदारी स्थित आवास पर पहुंचकर शिक्षामित्र
शिक्षक बनाओ की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को
सम्बोधित मांगपत्र सौंपा।
शिक्षामित्रों ने रखी हैं ये मांगें
शिक्षामित्रों ने मांग रखी है कि
9 अगस्त 2017 के भारत सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम में किये गए
संसोधन एक्ट को लागू कर उत्तराखण्ड सरकार की भांति उतर प्रदेश में भी
शिक्षामित्रों का समायोजन बहाल किया जाए ।
- माननीय इलाहाबाद उच्च
न्यायालय के आदेश दिनांक सात मार्च 2018 को जारी निर्देशानुसार प्रदेश के
शिक्षामित्रों का मानदेय 38,878 रुपये किया जाए।
- जिले में दूर दराज में तैनात समायोजित शिक्षामित्रों को विकल्प के आधार पर वर्तमान या मूल विद्यालय में नियुक्त किया जाए।
-
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 25 जुलाई 2017 के आदेश के क्रम
में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया को शैक्षणिक मैरिट के आधार पर
किया जाए। प्रतिनिधि मण्डल में प्रमुख रूप से राजेश गिरी, भूरी सिंह
सोलंकी, विनोद बघेल, महेश उपाध्याय, भूदेव सिंह, जुगल किशोर,माधुरी सोलंकी,
कल्पना शर्मा, गीता मिश्रा, ज्योति वर्मा, नीरज शर्मा उपस्थित रहे।
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