बस्ती : शिक्षा की ज्योति जलाने का दारोमदार परिषदीय स्कूलों पर है। मगर
यह विद्यालय खुद बुरे दौर से गुजर रहे हैं। अधिकांश विद्यालय नामांकन के
इस सीजन में भी छात्र संख्या को तरस रहे है। अध्यापक, अधिकारी कोई फिक्रमंद
नहीं। स्कूलों का हाल यह है कि अध्यापक सरकारी अभिलेख तैयार करने में
व्यस्त है। मौजूद बच्चे खेलकूद में मस्त है। पठन-पाठन का माहौल दूर-दूर तक
नहीं है।
अब सोचिए, गांव और गरीब के नौनिहाल शिक्षा की मुख्य धारा से कैसे
जुड़ेंगे। यह नजारा सप्ताह के पहले दिन सोमवार को कुछ ग्रामीण परिषदीय
स्कूलों में देखने को मिला। 1यहां मुश्किल दौर में पढ़ाई : ग्राम पंचायत
साहूपार का स्कूल। समय-11.30 बजे। एक ही परिसर में प्राथमिक और जूनियर दो
विद्यालय। आइए, पहले चलते है प्राइमरी में। बरामदे में तीन महिला शिक्षक एक
साथ बैठी हैं। एक के हाथ में शाला सिद्धी का फार्मेट और दूसरे के सामने
उपस्थिति पंजिका। दोनों अभिलेख तैयार करने में व्यस्त। बगल में वरिष्ठ
महिला शिक्षक दोनों के कार्यों पर नजर गड़ाए हुए है। मकसद है कहीं कोई
त्रुटि न हो। समझ गए होंगे यह प्रधानाध्यापक मैडम है। नाम है सुंदर देवी
पांडेय। अभिलेख तैयार करने वाली शिक्षामित्र श्यामा देवी और अरिता देवी।
कुछ बच्चे बरामदे और कमरे में तितर-बितर होकर खेलकूद में मस्त हैं। सभी के
बैग फर्श पर पड़े है। अधिकांश बच्चे जूते मोजे में नहीं दिखे। मैडम का इन
बच्चों पर कोई ध्यान भी नहीं है। पूछने पर बताया गया कि अभिलेख भरकर भेजना
जरूरी है। इसमें बच्चों के वर्ष भर की उपस्थिति, रिजल्ट एवं अन्य
गतिविधियों की रिपोर्ट दर्ज करना है। इसलिए इसे तैयार किया जा रहा है। यहां
नामांकन एक सप्ताह में केवल तीन बच्चों का हुआ है। जबकि 26 बच्चे कक्षा
पांच पास कर विद्यालय से निकल चुके हैं। केवल 84 बच्चे ही अब बचे हैं।
इसमें से भी उपस्थिति केवल 40 की पाई गई। प्रधानाध्यापक ने बताया कि 60
बच्चे आए थे लेकिन छोटे बच्चे खाना खाकर चले गए। यहां तैनात शिक्षक
चित्रलेखा सिंह नवंबर से प्रसूता अवकाश पर हैं। अब बारी आई जूनियर विद्यालय
साहूपार की। तब तक यहां कुछ व्यवस्था ठीक कर ली गई थी। सहायक अध्यापक
दिनेश चंद्र एक कक्ष में कुछ बच्चों को बैठाकर पढ़ाई करा रहे थे।
1प्रधानाध्यापक रूंधावती पांडेय अभिलेख तैयार कर रही थी। सहायक अध्यापक
पुष्पा पांडेय प्रसूता अवकाश और निषा भारद्वाज, तृप्ति पांडेय को सीएल
अवकाश पर बताया गया। यहां भी उपस्थिति बच्चे केवल 28 मिले। कुल पंजीकरण 86
का है। अभी नया नामांकन एक भी नहीं है। अनुदेशक लेकर जरूरत से ज्यादा 6
शिक्षक तैनात हैं। तीन को लंबे अवकाश पर बताया गया।
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