लखनऊ : नए शैक्षिक सत्र में परिषदीय स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण
में आनाकानी और ढिलाई नहीं चलेगी। पाठ्यपुस्तकों का वितरण हुए बिना खंड
शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विभाग के आला अफसरों को यह
कहकर गुमराह नहीं कर सकेंगे कि बच्चों को किताबें बांट दी गईं।
पाठ्यपुस्तकों के वितरण पर पैनी निगाह रखने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने
वेबपोर्टल तैयार कराया है। सप्लायर जिस दिन ब्लॉक स्तर पर पाठ्यपुस्तकों की
आपूर्ति करेंगे, उन्हें उसी दिन इसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
यह किताबें ब्लॉक के दायरे में आने वाले स्कूलों में बांटने के लिए भेजी
जाएंगी। किताबें मिलने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक को इसकी जानकारी पोर्टल
पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद स्कूल में कक्षावार किताबों का वितरण होगा।
किस स्कूल में किस दिन किस कक्षा में कितनी और कौन सी किताबें बंटीं, न्याय
पंचायत रिसोर्स सेंटर में तैनात शिक्षक रोजाना फोन से इसकी जानकारी
स्कूलों से जुटा कर उसे पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इससे खंड शिक्षा अधिकारी को
मालूम हो जाएगा कि ब्लॉक के किस स्कूल में किस दिन किस क्लास में कौन-कौन
सी किताबें बांटी गईं। इसी तरह बीएसए को जिला स्तर पर और जिले के विभिन्न
ब्लॉक में किताबों के वितरण की जानकारी हो सकेगी। वहीं बेसिक शिक्षा
निदेशालय के अफसरों को प्रदेश स्तर पर पाठ्यपुस्तकों के बंटने की स्थिति
स्पष्ट होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ और बाराबंकी में वेबपोर्टल का
सफलतापूर्वक ट्रायल किया है।
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