इलाहाबाद : यूपी बोर्ड प्रशासन हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का जल्द परीक्षा
परिणाम देने के साथ ही एक और रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। अंक-सह
प्रमाणपत्र में होने वाली खामियों को खत्म करने की मुहिम शुरू की गई है।
इसके लिए मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय तक जुटा है और रिजल्ट तैयार
करने वाली एजेंसी को भी सतर्क होकर परिणाम तैयार करने की हिदायत दी गई है।
प्रदेश सरकार ने बोर्ड प्रशासन को निर्देश दिया था कि मुख्यालय व क्षेत्रीय
कार्यालय में अभिभावकों व छात्र-छात्रओं को अनायास भागदौड़ न कराई जाए।
ऐसा पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए कि लोग सुविधाओं का लाभ घर बैठे पा सकें।
आम तौर रिजल्ट आने के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों में जनसैलाब उमड़ता रहा है,
उनकी शिकायत नाम, पिता का नाम, जन्म तारीख सही न दर्ज होने के साथ ही कई
विषयों और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज न होने की होती रही है। बड़ी
संख्या में परीक्षार्थियों का परिणाम अपूर्ण भी हो जाता रहा है। इसके लिए
कार्यालयों पर ग्रीवांस सेल का गठन करके शिकायतों का निस्तारण होता रहा है।
इस बार बोर्ड प्रशासन की तैयारी है कि ऐसी खामियां कम हों। इसके लिए
प्रयोगात्मक परीक्षकों की रिपोर्ट को रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी के पास
भेजा गया है। तमाम प्रधानाचार्य अंक सहप्रमाणपत्र में सुधार के लिए जो
रिपोर्ट भेज रहे हैं उनका भी संज्ञान लेकर गलतियां दुरुस्त कराई जा रही
हैं। क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव डा. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि
पिछले वर्षो के परीक्षा परिणाम में आमतौर से एक फीसदी से अधिक रिजल्ट में
गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही हैं, इसे कम से कम पर लाने की योजना है। इधर
के वर्षो में परीक्षा का आवेदन फार्म ऑनलाइन कालेजों की ओर से ही भरा जाता
है, यदि उसमें परीक्षार्थी व उसके पिता आदि का नाम गलत दर्ज हो गया है तो
उस पर बोर्ड का बस नहीं है, इसके लिए प्रधानाचार्य और इस कार्य में लगे
शिक्षकों को ही सचेत रहना होगा। अन्य सूचनाओं को अपडेट कराया जा रहा है,
ताकि बोर्ड से रिजल्ट देने में कम से कम गलतियों का भी रिकॉर्ड बन सके।
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