6 मार्च को एकलपीठ ने प्राथमिक स्तर की
टीईटी के 14 विवादित प्रश्नों को हटाते हुए नये सिरे से परिणाम तैयार करने
के निर्देश सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी एलनगंज को दिए थे। इसके बाद 12
मार्च को प्रस्तावित 68500 सयहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा टालनी पड़ी
थी। राज्य सरकार ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील दायर की।
कुछ
अभ्यर्थियों ने भी स्पेशल अपीलें की थीं। इन मामलों की सुनवाई के बाद लखनऊ
बेंच ने 3 अप्रैल को हाईकोर्ट के नामित विशेषज्ञों से बाल शिक्षण विधि एवं
संस्कृत भाषा के पांच-पांच, पर्यावरण अध्ययन के चार और हिन्दी भाषा के दो
विवादित प्रश्नों के सही उत्तर बताने का अनुरोध किया है। उत्तर के साथ
आवश्यक दस्तावेजी प्रमाण भी देने का अनुरोध किया है। इस मामले की सुनवाई अब
16 अप्रैल से प्रतिदिन होगी।
15 अक्तूबर 2017 को
आयोजित टीईटी-17 में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के लिए क्रमश: 3,49,192
व 6,27,568 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से क्रमश: 2,76,636 व 5,31,712
परीक्षा में सम्मिलित हुए। 15 दिसम्बर को घोषित परिणाम में प्राथमिक स्तर
में 47,975 (17.34 फीसदी) व उच्च प्राथमिक स्तर में 41,888 (7.87 फीसदी)
अभ्यर्थी पास हुए थे।
शिक्षक भर्ती परीक्षा ओएमआर से कराने की मांग
इलाहाबाद।
बीटीसी प्रशिक्षु 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा ओएमआर शीट पर कराने
की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि ओएमआर शीट से परीक्षा कराने
में ज्यादा पारदर्शिता रहेगी। नवीन सिंह का कहना है कि लिखित परीक्षा में
धांधली की आशंका है।
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