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यूजीसी जांच में घिरे प्रो. हांगलू, 20 दिन में यूजीसी ने मांगा जवाब, 2017 में आई थी जांच कमेटी: समिति की रिपोर्ट में कई मुद्दों पर गंभीर टिप्पणी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विशेषज्ञ टीम की जांच में इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू घिरते नजर आ रहे हैं। नवंबर 2017 में आई यूजीसी की पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सप्ताह भर पहले चेयरमैन को सौंप दी है। समिति की रिपोर्ट के मद्देनजर यूजीसी ने प्रो. हांगलू से 20 दिन के भीतर उनका जवाब मांगा है।

जांच कमेटी ने कुलपति प्रो. हांगलू को पूअर मैनेजर (कमजोर प्रबंधक), प्रशासनिक रूप से अक्षम और अदूरदर्शी माना है। साथ ही यह भी कहा है कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक, वित्तीय व अकादमिक माहौल बेहद खराब है। इस वजह से विकास कार्य ठप हैं। कई सालों से कोर्स रिवाइज नहीं होने, वित्त नियंत्रक का दायित्व एक प्रोफेसर को देने जैसे बिंदुओं पर भी जांच कमेटी ने आपत्ति उठाई है। 1यूजीसी द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने 13 से 15 नवंबर 2017 के बीच लगाए गए आरोपों के मद्देनजर विश्वविद्यालय में कुलपति, शिक्षकों, अधिकारियों एवं छात्रों से मुलाकात की थी। आइआइएससी बेंगलुरु के डॉ. गौतम डी. राजू की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने विश्वविद्यालय का दौरा किया था।
जांच रिपोर्ट का बिंदुवार अध्ययन करने के बाद तय समयसीमा में जवाब दे दिया जाएगा। विकास से संबंधित कमेटी के सुझावों को तत्परता से लागू करने का प्रयास होगा।
प्रो. रतन लाल हांगलू, कुलपति, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालयविश्वविद्यालय में प्रवेश में धांधली
54 पदों पर यूजीसी की बिना मंजूरी लिए नियुक्ति,
शिक्षक भर्ती में अनियमितता
हाईकोर्ट के आदेशों की लगातार अवमानना
सेवानिवृत्त शिक्षकों को कक्षाएं न देना
हाईकोर्ट के आदेश पर बिना पढ़ाए 1.28 करोड़ का भुगतान करना।
प्रो. रतन लाल हांगलू

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