बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापकों की
भर्ती के लिए 27 मई को प्रस्तावित लिखित परीक्षा से छह दिन पहले सरकार ने
अर्हता अंक में बड़ा बदलाव कर दिया है। 150 अंकों की परीक्षा में अब सामान्य
व ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी 49 नंबर (33 प्रतिशत) या अधिक जबकि एससी/एसटी
वर्ग के अभ्यर्थी 45 नंबर (30 प्रतिशत) या अधिक पर ही पास माने जाएंगे।
संशोधन संबंधी शासनादेश विशेष सचिव शासन एस. राजलिंगम की ओर से 21 मई को
जारी किया गया है। नौ जनवरी को जारी शासनादेश में सामान्य व ओबीसी वर्ग के
अभ्यर्थियों के लिए अर्हता अंक 67 (45 प्रतिशत) और एससी/एसटी वर्ग के
अभ्यर्थियों के 60 अंक (40 प्रतिशत) था। सफल अभ्यर्थियों को ही प्रमाणपत्र
जारी होंगे। हालांकि परीक्षा पास करने से किसी व्यक्ति को नियुक्ति का
अधिकार नहीं मिलेगा।
शिक्षक भर्ती परीक्षा में अर्हता अंक में बदलाव शिक्षामित्रों के दबाव
में हुआ है। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने बगैर टीईटी सहायक अध्यापक
पद पर समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था। वहीं दूसरी ओर
सरकार ने सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए टीईटी के अलावा शिक्षक भर्ती
परीक्षा की व्यवस्था लागू कर दी। इसके चलते शिक्षामित्रों के लिए सहायक
अध्यापक पद पर नौकरी पाना नामुमकिन हो गया। यही कारण था कि अक्तूबर 2017
में आयोजित टीईटी-17 को लेकर काफी विवाद हुआ। टीईटी में सफल शिक्षामित्र
शिक्षक भर्ती परीक्षा में अर्हता अंक कम करने का दबाव सरकार पर बना रहे थे।
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