68500 लिखित परीक्षा व भर्ती, दोनो पर भी काले बादल छाये जाने की उम्मीद बढ़ी
जैसा कि टीईटी -२०१७ का विवाद सुप्रीम कोर्ट में जा पहुँचा है और अब तक
उक्त विवाद को लेकर रामकुमार
गुप्ता सहित दो अर्जेंट स्पेशल अपील दाखिल हो
चुकी है और आज रिंजवान अंसारी सहित दो और अर्जेंट स्पेशल अपील दाखिल हो
जाने की पूरी सम्भावना है,उक्त अपील की सुनवाई १५ मई तक होने की पूरी
सम्भावना है, जिसमें मुख्य रूप से टीईटी-२०१७ के विवाद का निस्तारण होने तक
लिखित परीक्षा तब तक रोकने का आग्रह किया गया है, जब तक, टीईटी -२०१७ के
विवादास्पद प्रकरण से अधिक प्रभावित होने वाले अभ्यार्थियों का अहित होने
से पूरी सम्भावना जीवित रहती है, तब तक,माननीय सुप्रीम कोर्ट प्रस्तावित २७
मार्च की लिखित परीक्षा पर स्थगन आदेश कर सकता है, स्थगन आदेश होने से
टीईटी -२०१७ में सम्भावित उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय भी
हो सकेगा.
उक्त के क्रम में जैसा कि लखनऊ खण्ड पीठ के सिंगल बेंच के वरिष्ठ जज श्री
राजेश सिंह चौहान जी की कोर्ट में १२४०००/- शिक्षामित्रों के भविष्य को
सुरक्षित करने हेतु आज दिनांक - ०७ मई से लंच बाद अपरान्ह २ बजे से, नियमित
निर्णायक सुनवाई व बहस होगी, जिसमें जीत की काफी सम्भावनाएं प्रबल हो चुकी
है, उक्त मुकदमा जीतने पर भी, ६८,५००/- बेसिक शिक्षक भर्ती पर भी स्थायी
रूप से ग्रहण लग सकता है क्योंकि उक्त बेंच का सकारात्मक आदेश होने पर यूपी
सरकार को उक्त प्रकरण का निस्तारण, प्रथम वरीयता पर करना, उक्त
लाभार्थियों के द्वारा अधिक दबाव बनने पर विवशता हो सकती है.
इस तरह से ६८,५००/- की लिखित परीक्षा व भर्ती दोनों पर भी काले बादल छाये जाने की सम्भावनाएं बढ़ने लगी है.
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