नई दिल्ली: यदि आपको किताबें पढ़ने का शौक है, तो अब लाइब्रेरी के चक्कर
लगाने की जरूरत नहीं है। देश-दुनिया से जुड़ी पौने दो करोड़ से अधिक
किताबें अब आपको घर बैठे ऑनलाइन पढ़ने को मिलेंगी।
वह भी निशुल्क रहेंगी।
सरकार ने ‘पढ़े भारत और बढ़े भारत’ योजना को बढ़ावा देते हुए लोगों को
किताबों से जोड़ने की यह एक बड़ी पहल की है। बुधवार से ऑनलाइन की गई यह सभी
किताबें नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी पोर्टल पर सभी के लिए उपलब्ध हैं। इसके
लिए सिर्फ एनडीएल.आइआइटीकेजीपी.एसी.इन पर एक लॉगिन तैयार करना होगा। इसके
बाद किताबों को आसानी से खोजा जा सकेगा। इन्हें सिर्फ लेखक और किताबों के
नाम से आसानी से खोजा जा सकेगा। अभी तक यह सुविधा सिर्फ छात्रों के लिए ही
थी। मानव संसाधन विकास मंत्रलय के मुताबिक किताबों को डिजिटल करने का यह
काम पिछले डेढ़ साल से चल रहा था, जिसका परिणाम अब सामने आया है। हालांकि
यह काम अभी भी जारी है। वहीं किताबों के साथ शोध पत्रों को भी बड़े पैमाने
पर इनमें शामिल करने की तैयारी चल रही है। मंत्रलय का मानना है कि शोध
पत्रों के ऑनलाइन होने से सबसे बड़ी राहत शोध के क्षेत्र में काम कर रहे
छात्रों को मिलेगी, जिन्हें अभी इसकी मोटी रकम और खोजबीन में लंबा समय देना
पड़ता है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ऑनलाइन की गई इन किताबों में
साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा, आयुर्वेद, दर्शन, संस्कृति, इतिहास सहित लगभग
सभी क्षेत्रों से जुड़ी हुई पुस्तकें है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी भी
किताबें है, जो काफी पुरानी हैं और देश-दुनिया के चुनिंदा पुस्तकालयों में
ही मौजूद हैं।
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