इलाहाबाद : बोर्ड की परीक्षा में सरकार ने जिस तरह की सख्ती बरती, उसका
असर परीक्षा परिणाम में नहीं दिखा। पिछले वर्षो की अपेक्षा हाईस्कूल व इंटर
का आोवरऑल रिजल्ट कुछ गिरा जरूर लेकिन, जिस तरह के परिणाम की चर्चा और
कल्पना की जा रही थी, वैसा बिल्कुल नहीं हुआ। नकल रोकने वाले अफसरों ने
परिणाम में अंक लुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
जिस मॉडरेशन अंक प्रणाली के जरिये परिणाम सुधारने की चर्चा है, उसके मानक
भी टूटे हैं, क्योंकि मॉडरेशन लागू होने पर भी अधिकतम अंक देने का नियम तय
है। ज्ञात हो कि अधिकतम आठ अंक तक परीक्षार्थियों को देने का निर्देश पहले
रहा है। बोर्ड के परीक्षार्थियों को इससे अधिक अंक मिले हैं। सोशल मीडिया
पर परिणाम आने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जांचने वाले परीक्षक ही रिजल्ट की
असलियत बता रहे हैं। कुछ परीक्षकों ने बोर्ड के गोपनीय एवार्ड ब्लैंक ओएमआर
शीट (मूल्यांकन केंद्र से बोर्ड को अंक भेजने वाला पेज) तक अपलोड करके
दावा किया है कि ये किस तरह से अंक बांटे गए हैं। एक परीक्षार्थी को एवार्ड
ब्लैंक में विज्ञान विषय में मात्र दो अंक मिले हैं, उसके इंटरनेट अंकपत्र
पर ये अंक बढ़कर 23 हो गए हैं। ऐसे ही रसायन विज्ञान में एक परीक्षार्थी
को एवार्ड ब्लैंक में पांच अंक मिले हैं, जबकि अंकपत्र पर यह बढ़कर 19 हो
गए हैं। सोशल मीडिया पर जारी परीक्षकों ने विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान
आदि विषयों का जो एवार्ड ब्लैंक पोस्ट किया है, उसमें बड़ी संख्या में
परीक्षार्थियों को दो से लेकर नौ अंक तक मिले हैं। जिन्हें दहाई में अंक
मिले हैं वह भी अधिकतम 29 अंक तक सीमित हैं।
मॉडरेशन लागू होने का यह भी नियम है कि प्रश्न गलत हो या परीक्षार्थियों को
सवालों का जवाब देना कठिन हो जाए। इसमें एक सवाल पर इस बार बवाल मचा था,
बाकी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए पूरी परीक्षा ही कठिन रही है।
खास बात यह है कि परीक्षक और परीक्षार्थी दोनों रिजल्ट प्रतिशत को लेकर
हैरान हैं लेकिन, खुलकर नहीं बोल रहे हैं। अफसर भी यह स्वीकार करते हैं कि
परीक्षार्थियों पर कुछ उदारता बरती गई है।
शून्य रिजल्ट वाले कालेज नाम के : के हाईस्कूल व इंटर के रिजल्ट में 150
कालेज ऐसे हैं, जिनका रिजल्ट शून्य रहा है। इस पर अफसरों का कहना है कि ये
कालेज सिर्फ नाम भर के हैं, किसी में दो तो कहीं चार बच्चे ही पंजीकृत थे,
तीन ने परीक्षा नहीं दी। एक बैठा और फेल हो गया तो रिजल्ट शून्य होना ही
था। ज्यादातर कालेज राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान है, जो उच्चीकृत करके
खोले गए हैं, वहां एक शिक्षक है और आसपास के लोग भी नहीं जानते कि कालेज
चल रहा है। अफसरों का कहना है कि किसी स्थापित कालेज का परिणाम शून्य नहीं
हुआ है। 13233 छात्र-छात्रओं का रिजल्ट में रुका 1राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद :
ने 56 लाख से अधिक छात्र-छात्रओं का परिणाम रविवार को घोषित किया है।
वहीं, 3233 परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोका गया है। सभापति डा. अवध नरेश
शर्मा ने बताया कि इसमें हाईस्कूल के 1598 व इंटर के 1635 छात्र-छात्रएं
हैं। उनका कहना था कि उनकी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं, वह पूरी होते ही
रिजल्ट जारी होगा।’
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- याची अभ्यर्थियों के नियुक्ति की संभावना : 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती Latest News
- शासन की नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों से छीन रही बुढ़ापे का सहारा, 28 अक्टूबर को देश के प्रत्येक सांसद आवास पर रखा जाएगा एक दिन का उपवास
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- SCIENCE QUIZ: शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु विज्ञान विषय प्रश्नोत्तरी पार्ट-2
- विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों (school management committe -smc ) का प्रशिक्षण मॉड्यूल वर्ष training module 2019-20
Govt Jobs : Opening
الاشتراك في:
تعليقات الرسالة (Atom)

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق