उरई (जालौन)
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में
शिक्षकों के निलंबन व बहाली में जो नजराना वसूलने की परंपरा चली आ रही उसका
खुलासा हो गया तो बीएसए की ईमानदार का चोला सरेशाम कार्यालय में उस समय
उतर गया जब शिक्षकों का शिष्टमंडल शिक्षकों की समस्याओं के संबंध में
वार्ता कर रहा था
और शिक्षक को निलंबन से लेकर बहाली के
प्रकरण पर चर्चा के दौरान कई महीनों से निलंबित चल रहे शिक्षक ने कार्यालय
के लिपिक को पकड़कर सामने लाया और रुपयों के लेनदेन का खुलासा हो गया।
हालांकि अब बीएसए कह रहे हैं कि बहाली के नाम पर वसूले गये नजराने से अब
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 15 छात्राओं को साईकिल खरीदकर दी
जायेगी और शेष 20 हजार रुपये शिक्षक को वापस दिलाया जायेगा।
गौरतलब हो कि पिछले दिनों उत्तर
प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया ने
शिक्षओं की समस्याओं के निस्तारण के लिये बुलायी गयी थी जिसमें एक शिक्षक
को अकारण बगैर किसी दोष से निलंबित कर दिया और उससे बहाली के नाम पर एक
मोटी रकम वसूल कर ली गयी। चूंकि उक्त वसूली कार्यालय के चर्चित लिपिक ने
वसूल की थी जो पूर्व के समय में उक्त लिपिक के कारनामों के चलते ही पूर्व
बीएसए निलंबित हुये थे और कार्यालय के कई कक्षों को सील कर दिया गया था।
तो उक्त लिपिक के गैर जनपद स्थानांतरण हो
गया था। लेकिन कुछ समय के अंतराल के बाद उक्त लिपिक पुनः बीएसए कार्यालय
में आ गया और उसने अपना जाल फैलाकर मजबूत नेटवर्क कर बीएसए की कृपा से उनका
नजदीकी बन गया तो उसने पुनः शिक्षकों से निलंबन व बहाली में नजराना वसूली
की नीति अपनाते हुये शिक्षकों के शोषण करने में जुट गया। चूंकि उक्त लिपिक
को कार्यालय के अधिकारी का भी संरक्षण मिला तो उसका नजराने का कारोबार फलने
फूलने लगा।
लेकिन विषम परिस्थिति तो उस दौरान पैदा
हो गयी जब शिक्षक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल द्वारा शिक्षक की बहाली के नाम
पर वसूली गयी कथित मोटी रकम को वापस कराने की आवाज बुलंद की गयी तो जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा मध्यस्थता करते हुये शिक्षक नेताओं को आश्वासन
दिया कि वह आज ही निलंबित चल रहे शिक्षक की बहाली कर दूंगा लेकिन शर्त यह
होगी कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 15 छात्राओं को साईकिल
देनी होगी।
इस पर शिक्षक नेता भड़क गये और कहा कि इस
तरह का कार्यालय में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इसी बीच कुछ
वरिष्ठ लोगों द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी के सुझाव को स्वीकार कर लिया गया
और तत्काल शिक्षक का निलंबन खत्म कर दिया गया। इस मामले की जानकारी अनेकों
शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
ऐसे विद्यालय का चयन किया गया है जहां शिक्षक की तैनाती नहीं हैं। जहां
यूआरसी उरई गणेशजी जालौन है।
देखना होगा कि जिला प्रशासन इस खुलेआम
सार्वजनिक हो रहे भ्रष्टाचार पर किस तरह से अंकुश लगा पाता है या यूं ही
बीएसए कार्यालय का चर्चित लिपिक शिक्षकों के निलंबन व बहाली में नजराना
वसूली की नीति पर आगे बढ़ता रहेगा यह तो समय ही बतायेगा।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- UPTET Yachi List : 72,825 याची लिस्ट देखने और डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें
- एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2014 पर शिकंजा, एफआईआर की संस्तुति
- 124000 शिक्षामित्र जो NCTE परमिटेड हैं के लिए मिल सकती है कोर्ट से TET में राहत: पढें मानवेंद्र यादव अधिवक्ता (उच्च न्यायालय इलाहबाद) की पोस्ट
Govt Jobs : Opening
الاشتراك في:
تعليقات الرسالة (Atom)
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق