इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थियों को
कार्यभार ग्रहण न कराने पर विद्यालय प्रबंध तंत्र पर अब कार्रवाई होगी। चयन
बोर्ड जिन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन करता है वे अधियाचन के सापेक्ष हैं
इसलिए अभ्यर्थी को नियुक्ति देना अनिवार्य है।
शुक्रवार को चयन बोर्ड
अध्यक्ष वीरेश कुमार ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को वीडियो
कांफ्रेंसिंग में ऐसे ही कई कड़े निर्देश जारी किए। 1उन्होंने निरीक्षकों
से कहा कि पदों का जो अधियाचन भेजा जाए, जहां तक संभव हो उसमें संशोधन न हो
और न ही किसी और माध्यम से उस पद को भरा जाए। डीआइओएस शासन की नीति के
अनुरूप शुचिता और सावधानीपूर्वक तय जनशक्ति का परीक्षण करके ही अधियाचन
भेजे, ताकि किसी तरह की विसंगति का सामना न करना पड़े। चयन बोर्ड अध्यक्ष
ने निरीक्षकों से अधियाचन भेजने की स्थिति जानी और कहा कि जो रिक्त पदों की
संख्या भेजी गई है, उसका सत्यापन एक बार अभिलेखों से जरूर करें। यदि कोई
विसंगति मिलती है तो चयन बोर्ड को अनिवार्य रूप से अवगत कराएं। अध्यक्ष ने
कहा कि वर्ष 2011 का विज्ञापन 19 नवंबर 2011 को जारी हुआ और 2016 का
विज्ञापन पांच जून 2016 को जारी हुआ। दोनों विज्ञापनों में प्रवक्ता व
स्नातक शिक्षक के पदों का सत्यापन शीघ्र भेजा जाए। ज्ञात हो कि 2011 के
साक्षात्कार इसी माह शुरू कराने जा रहा है। अध्यक्ष ने जिला विद्यालय
निरीक्षकों को यह भी बताया कि बोर्ड में दंड प्रकरणों के लिए मंडलवार
समितियों का गठन किया जा चुका है। इन मामलों के निस्तारण की कार्रवाई तेजी
से की जाएगी।
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