इलाहाबाद : उप्र लोकसेवा आयोग से पीसीएस 2015 की मूल कापियां सीबीआइ के
कार्यालय तक ले जाने में हाई रिस्क है। कापियां करीब 36 लाख हैं और
जैसे-जैसे वे फोटो स्टेट हो रही हैं वैसे-वैसे उनकी मूल प्रति जांच अधिकारी
सिुपुर्दगी में ले रहे हैं। आयोग से कापियों को बाहर ले जाने में सीबीआइ
ने अपनी टीम को लगा रहा है।
वहीं, आयोग का कहना है कि कापियों को ले जाने
की पूरी जिम्मेदारी सीबीआइ की है। मूल कापियों की फोटो स्टेट करने में आयोग
ने करीब दो दर्जन मशीनें लगा रखी हैं।
आयोग से पांच साल के दौरान हुई सभी भर्तियों की सीबीआइ जांच में प्राथमिक
स्तर पर पीसीएस 2015 सहित चार प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच हो रही है।
इसमें भी सीबीआइ ने पीसीएस 2015 को सबसे पहले तरजीह दी है, क्योंकि अधिक
शिकायतें इसी परीक्षा में धांधली को लेकर हैं। पिछले महीने सीबीआइ ने आयोग
से पीसीएस 2015 की मूल कापियां मांग ली थीं। इस परीक्षा में चयन तो 521
अभ्यर्थियों का हुआ था लेकिन, सीबीआइ ने मुख्य परीक्षा में शामिल सभी
अभ्यर्थियों की कापियां मांगी हैं इसलिए आयोग करीब 36 लाख कापियों की फोटो
स्टेट करा रहा है। प्रमाणित फोटो स्टेट कापियां आयोग अपने रिकार्ड में
रखेगा। आयोग की अपनी फोटो स्टेट मशीनों के अलावा किराए पर भी 10 मशीनें ले
रखी हैं। मूल कापियों को आयोग के स्ट्रांग रूम से बाहर ले जाने में काफी
खतरा है, क्योंकि इस परीक्षा में कई अफसरों का चयन संदेहास्पद है और धांधली
में काफी बड़ा गिरोह शामिल रहा है। सीबीआइ के एसपी भी पूर्व में इसकी
आशंका जता चुके हैं कि इस परीक्षा में संगठित गिरोह ने काम किया है।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
- आउटसोर्सिंग से होगी एजुकेटर की भर्ती, मिलेगा 10313 रुपये मानदेय

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق