आजमगढ़। 15000 और 16448 शिक्षक भर्ती से वंचित हुए अभ्यर्थियों ने शुक्रवार
को मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव से गुहार लगाई। अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के
आदेश पर शुरू हुई जांच को पूरा कराने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने इस
नियुक्ति में 100 से अधिक शिक्षकों के फर्जी होने का आरोप लगाते हुए
कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मंडलायुक्त को बताया कि इस भर्ती में
हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा जिला अर्थ संख्याधिकारी
डा. अर्चना सिंह और अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह को जांच अधिकारी
नियुक्त किया गया। उनके द्वारा अपनी जांच आख्या में छह शिक्षकों कुमारी
शिवमुनि यादव, यादव उषा, प्रभाकर मिश्र, छोटेलाल, रमेश यादव और रवि राय को
फर्जी सिद्घ किया गया। इसमें छोटेलाल सिंह और प्रभाकर मिश्र पूर्व में
15000 शिक्षक भर्ती में आवेदन किए थे और इसके बाद इन्होंने 16448 शिक्षक
भर्ती में भी आवेदन किया लेकिन दोनों की मेरिट में अंतर है। हाईकोर्ट
द्वारा इस मामले में 30 मार्च 2018 तक कार्यवाही करने का आदेश दिया गया था
लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मंडलायुक्त से उक्त मामले
में कार्रवाई के लिए निर्देशित करने की मांग की। साथ ही यह चेतावनी दी कि
अगर एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं होती है वह लोग बेसिक कार्यालय पर
धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस मौके पर रवि प्रकाश श्रीवास्तव, ज्योति
पांडेय, अमिता रावत, सुप्रिया राय, मृत्युंजय राय उपस्थित थे।
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