इन स्कूलों की छात्र व शिक्षक संख्या को गौर से देखिए। दोनों खुद बता
रही हैं छात्र व शिक्षकों का अनुपात किस तरह से गड़बड़ाया है। यह तस्वीर
चुनिंदा जिलों की ही नहीं है, बल्कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में इसी तरह
के हालात हैं। बेसिक शिक्षा के अफसर हर साल बड़े दावे और लंबा शासनादेश
जरूर जारी कर रहे हैं लेकिन, उसका अनुपालन कराने में पूरा विभाग हांफ रहा
है।
पिछले वर्ष समायोजन व जिले के अंदर तबादले नियमों के कारण नहीं हो सके।
इस साल अभी तक नई नीति नहीं आ सकी है। 1बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व
उच्च प्राथमिक स्कूलों में हर साल सत्र शुरू होने से पहले शैक्षिक कैलेंडर
जारी करके बच्चों को पढ़ाने के निर्देश होते हैं। कुछ जिलों को छोड़कर
अधिकांश में शिक्षक भी पर्याप्त संख्या में हैं लेकिन, उनका संयोजन सही
नहीं है। 1कहीं छात्र बहुत कम और शिक्षक अधिक हैं तो कहीं बड़ी संख्या में
छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। तैनाती में असंतुलन बढ़ने से
स्कूलों में पठन-पाठन चौपट है। कुछ स्कूलों में तो शिक्षक बच्चों को स्कूल
के समय में सिर्फ बैठाए रखने की ही ड्यूटी जैसे-तैसे निभा पा रहे हैं,
क्योंकि पांच कक्षाओं के छात्र-छात्रओं को एक साथ पढ़ा पाना संभव नहीं है।
पढ़ाई न होने व यूनिफार्म, किताबें, बैग, जूता-मोजा आदि समय से न मिल पाने
के कारण परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या घट रही है। 176 हजार शिक्षक अधर
में 1पिछले वर्ष जिले के अंदर तबादले व समायोजन के लिए सभी जिलों के करीब
76 हजार शिक्षकों ने दूसरे स्कूल में जाने का आवेदन किया था। शासन 30
अप्रैल की छात्र संख्या को आधार बनाकर यह बदलाव करना चाहता था, वहीं शिक्षक
सितंबर की छात्र संख्या को आधार बनाने की मांग कर रहे थे। प्रकरण कोर्ट
पहुंचा, करीब आठ महीने सुनवाई चली। अब जिले के अंदर तबादले व समायोजन नई
तबादला नीति पर होंगे। इसी तरह से हर जिले में बड़ी संख्या में शिक्षक
सुविधा के अनुसार संबद्ध हैं।1कानपुर नगर का प्राथमिक विद्यालय फुफवार
द्वितीय में 151 छात्र पढ़ रहे हैं, उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है।
शिक्षामित्र के भरोसे स्कूल चल रहा है। उच्च प्राथमिक स्कूल फुफवार प्रथम
में 103 छात्रों के लिए तीन शिक्षक तैनात हैं। 1फैजाबाद जिले के उच्च
प्राथमिक स्कूल रामपुर हलवारा में आठ छात्र हैं, उन्हें पढ़ाने के लिए तीन
शिक्षक तैनात हैं। बाराबंकी जिले के उच्च प्राथमिक स्कूल बहरौली में 150
छात्रों को पढ़ाने को 17 अध्यापक नियुक्त हैं। 1इलाहाबाद जिले के पूर्व
माध्यमिक विद्यालय मदरा में 14 छात्रों को तीन शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इसी
जिले के प्राथमिक स्कूल बांका जलालपुर में 110 छात्रों को पढ़ाने के लिए
कोई शिक्षक नियुक्त नहीं है, संबद्ध शिक्षक व शिक्षामित्र स्कूल खोल रहे
हैं।केस एककेस दोकेस तीन
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- SCIENCE QUIZ: शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु विज्ञान विषय प्रश्नोत्तरी पार्ट-2
- शासन की नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों से छीन रही बुढ़ापे का सहारा, 28 अक्टूबर को देश के प्रत्येक सांसद आवास पर रखा जाएगा एक दिन का उपवास
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों (school management committe -smc ) का प्रशिक्षण मॉड्यूल वर्ष training module 2019-20
Govt Jobs : Opening
الاشتراك في:
تعليقات الرسالة (Atom)

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق