प्रमुख सचिव ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर कहा कि डेढ़ महीने में उनकी मांगों पर सार्थक निर्णल ले लिया जाएगा। इस दौरान वार्ता का क्रम जारी रखा जाएगा। अगली वार्ता इस क्रम में 15 दिन बाद प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात पर अड़े अभ्यर्थियों ने बुधवार को ईको गार्डन धरना स्थल और परिसर के बाहर तिरंगा लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव भी हुआ। आखिरकार प्रशासन की ओर से गुरुवार को वार्ता करवाने का आश्वासन प्रदर्शनकारियों को दिया गया, तब जाकर मामला शांत हो पाया था। प्रमुख सचिव न्याय से वार्ता करने गए प्रतिनिधिमंडल में मान बहादुर सिंह, विजय यादव, रुखसाना खान, अनन्या त्रिपाठी, आशीष सिंह, रविन्द्र दादरी, मीना कमल रोजी, राहुल सिंह, निलेश शुक्ला और राम कुमार पटेल शामिल रहे।
प्रशासन दिखा सख्त
गुरुवार को प्रशासन प्रदर्शनकारियों के प्रति अधिक सख्त दिखा। किसी भी वाहन को उसने ईको गार्डन परिसर में नहीं जाने दिया। प्रदर्शनकारियों के समूह पर निकलने पर भी रोक लगा दी गई। परिसर के बाहर भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड, वॉटर कैनन तक तैनात रही। यही नहीं धरना स्थल के छोटे प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और मुख्य द्वार पर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। दरवाजों को बंद करने की स्थिति में कुंडिया लगाई जा सके इसके लिए मरम्मत तक करवाई गई। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी विजय यादव ने कहा कि वह पढ़े लिखे छात्र हैं काई आक्रमणकर्ता नहीं।
ईको गार्डन में नहीं हैं सुविधाएं
प्रदर्शनकारियों के अनुसार ईको गार्डन में साफ पीने की व्यस्था पर्याप्त नहीं है। वहीं, यहां कूड़ाघर तक बन गया है। लाइट व्यवस्था भी दुरस्त नहीं है। ईको गार्डन परिसर में छांव न होने और अत्याधिक पत्थरों के लगे होने के कारण गर्मी में प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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