1 आवेदक डॉ. नुरुद्दीन मोहम्मद परवेज ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विजिटर, कुलपति व एमएचआरडी में साक्षात्कार में धांधली की शिकायत की थी। डॉ. नूरुद्दीन का नाम दूसरी लिस्ट में भी नहीं है। उन्होंने हंिदूी एंड मॉडर्न इंडियन लैंग्विेजेस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन किया था। चार जून को फैकल्टी रिक्रूटमेंट सेल द्वारा जारी साक्षात्कार की सूची में उन्हें शामिल नहीं किया गया। इसकी वजह कम्युलेटिव एपीआइ बिलो मेरिट बताई गई जबकि एपीआइ कम नहीं है। डॉ. नूरुद्दीन का कहना है कि फैकल्टी रिक्रूटमेंट सेल द्वारा जारी साक्षात्कार सूची में कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनका एपीआइ उससे भी कम है फिर भी उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। डॉ. नुरुद्दीन मोहम्मद परवेज इविवि के हंिदूी विभाग में बतौर अतिथि प्रवक्ता अध्यापन से जुड़े रहे हैं। उनका कहना है कि अतिथि प्रवक्ता के चयन की भी वही योग्यता निर्धारित है जो असिस्टेंट प्रोफसर की है तो फिर विश्वविद्यालय ने एपीआइ स्कोर कम होने की सूचना पहले क्यों नहीं दी। जब स्थायी नियुक्ति की बात आई तो उसे एपीआइ स्कोर कम होने की बात कहकर स्क्रीनिंग में ही बाहर कर दिया गया। रिक्रूटमेंट सेल के चेयरमैन प्रो. अनुपम दीक्षित से बात करने का प्रयास किया गया पर उनका फोन नहीं उठा।
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