जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : विभागीय लापरवाही का खामियाजा
शिक्षामित्रों को उठाना पड़ रहा है। 2017-18 की कार्ययोजना व बजट में 1754
शिक्षा मित्रों के बजाए 1079 संख्या ही राज्य परियोजना को भेजे जाने से हर
माह मानदेय बजट कम आ रहा है।
इसके चलते परियोजना द्वारा भेजे गए मार्च के
बजट से दिसंबर 2017 का मानदेय भुगतान ही हो पाया है।
जनपद में 1754 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। जबकि राज्य परियोजना कार्यालय
के आंकड़ों में 1079 ही अंकित हैं। 25 जुलाई 2017 को सहायक अध्यापक पद का
समायोजन रद होने के बाद अगस्त 2017 से 1079 शिक्षा मित्रों की ही दस हजार
रुपये माह ग्रांट आ रही। राज्य परियोजना मार्च 2018 तक ग्रांट भेज चुकी है।
मार्च की ग्रांट से शनिवार को कमालगंज, बढ़पुर, राजेपुर ब्लाक व नगर
क्षेत्र के शिक्षा मित्रों को मानदेय स्थानांतरित कर दिया गया। अन्य ब्लाक
के शिक्षा मित्रों को दिसंबर का मानदेय पहले मिल चुका है। लेखाधिकारी सहित
तीन से स्पष्टीकरण
बीएसए अनिल कुमार ने शिक्षा मित्रों के बजट की गुत्थी सुलझाने के लिए
निदेशालय में बेसिक शिक्षा निदेशक से भेंट कर बजट वृद्धि को पत्र सौंपा।
निदेशक ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। शिक्षा मित्रों की संख्या का
विवरण सही न भेजने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहायक वित्त
एवं लेखाधिकारी राजीव मिश्रा, वरिष्ठ सहायक ब्रह्मदेव मिश्रा व सह समन्वयक
गुणवत्ता डा. गंगेश शुक्ला से स्पष्टीकरण मांगा है।
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