परीक्षा से पहले ही हर अभ्यर्थी के अंगूठे की छाप और फोटो आइडी ले ली जाएगी। बाद में हर चयनित अभ्यर्थी से इनका मिलान कराया जाएगा।बायोमीटिक हाजिरी की शुरुआत आयोग आगामी 15 जुलाई को होने वाली अवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन) परीक्षा-2016 से करेगा।
गौरतलब है कि इस परीक्षा का विज्ञापन सपा सरकार में हुआ था लेकिन भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इस पर रोक लगी दी थी और विजलेंस जांच शुरू कराई थी। आयोग का पुनर्गठन होने के बाद इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और इसे विजलेंस जांच के दायरे से बाहर कर दिया गया। अब विभिन्न विभागों के 841 पदों के लिए यह परीक्षा 15 जुलाई को होगी, जिसके लिए लखनऊ और कानपुर में केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए 65 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। आयोग के अध्यक्ष सीबी पालीवाल ने बताया कि बायोमीटिक सिस्टम के साथ ही परीक्षाओं में नकल माफिया की घुसपैठ रोकने के लिए अभिसूचना इकाइयों की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि अवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन) परीक्षा-2016 के लिए पाठ्यक्रम आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।

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