लखनऊ : सचिवालय में विभागों के पुनर्गठन की कवायद ने जहां नौकरशाही से
लेकर मंत्रियों तक में बेचैनी पैदा कर दी है, वहीं इससे होने वाली
व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। माना जा रहा है कि
प्रस्तावित व्यवस्था को कई चुनौतियों से जूझना होगा।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में
गठित समिति ने विभागों की संख्या 95 से घटाकर 57 करने के साथ ही 62 विभिन्न
विभागों को आपस में मिलाकर 24 नये विभाग बनाने की सिफारिश की है। अभी हर
विभाग में शीर्ष पद पर अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी
नियुक्त किये जाते हैं जो स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। अब यदि कई विभागों
को मिलाकर एक विभाग बनाने की सिफारिश को मूर्त रूप दिया गया तो यह तय है
कि विलय के स्वरूप गठित होने वाले नये विभाग में शीर्ष स्तर पर अपर मुख्य
सचिव/प्रमुख सचिव स्तर के एक ही अधिकारी की तैनाती होगी, जबकि संघटक
विभागों में तैनात किये जाने वाले अफसर उस शीर्ष अधिकारी के अधीन ही काम
करेंगे। ऐसे में स्वतंत्र रूप से विभाग की कमान संभालने की उनकी हसरत पूरी
नहीं हो पाएगी। कुछ ऐसा ही तजुर्बा विभागों के उन मंत्रियों का भी होगा जो
अभी स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं। यह भी आशंका जतायी जा रही है कि यदि
विलय कर बनाये जाने वाले नये विभागों में कैबिनेट मंत्री की नियुक्ति में
वरिष्ठता को नजरअंदाज किया गया तो मंत्रियों की आपसी तनातनी बढ़ सकती है।
विभागों के विलय से एक व्यावहारिक दिक्कत यह आ सकती है कि उच्च शिक्षा और
प्राविधिक शिक्षा जैसे विभाग जिनमें मुकदमों की संख्या ज्यादा है, यदि वे
एक हुए तो गठित होने वाले नये विभाग के शीर्ष अधिकारी पर मुकदमों का बोझ
बढ़ जाएगा। समिति ने फिलहाल बेसिक और माध्यमिक शिक्षा जैसे विभागों को उनके
मौजूदा स्वरूप में अलग-अलग ही बनाये रखने की सिफारिश की है। इन विभागों पर
मुकदमों का सर्वाधिक अंबार है। यदि भविष्य में इन दोनों विभागों को मिलाने
की संस्तुति की गई तो नये विभाग पर मुकदमों का बोझ बेतहाशा बढ़ जाएगा।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- UPTET Yachi List : 72,825 याची लिस्ट देखने और डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें
- एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2014 पर शिकंजा, एफआईआर की संस्तुति
- 124000 शिक्षामित्र जो NCTE परमिटेड हैं के लिए मिल सकती है कोर्ट से TET में राहत: पढें मानवेंद्र यादव अधिवक्ता (उच्च न्यायालय इलाहबाद) की पोस्ट
Govt Jobs : Opening
الاشتراك في:
تعليقات الرسالة (Atom)

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق