हालांकि वित्त एवं लेखाधिकारी ने इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए बीएसए को पत्र भेजा है, जिसका जवाब अब तक नहीं मिल सका है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जेल जाने वाले शिक्षकों का वेतन जारी नहीं हो सकता है। वित्त एवं लेखाधिकारी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब इसी स्थिति में उलझने से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
इधर, जनपद में तैनात शिक्षामित्रों का भी मानदेय भी उलझा हुआ है। पिछले चार माह से जनपद में तैनात 1959 शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर शिक्षामित्र परेशान हैं। शिक्षामित्रों के नेता राजकुमार चौधरी ने कहा है इस मामले को डीएम के समक्ष भी रखेंगे।
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