मृत्युंजय से एसटीएफ को पता चला है कि परीक्षाओं में पेपर हल कराने वाले लोग बिहार में कोचिंग संचालक और कोचिंग करने वाले छात्रों के संपर्क में रहते हैं। पहले ऐसे लोगों की संख्या 800 के करीब थी, लेकिन अब जब से गिरफ्तारियां होने लगी हैं वहां से आने वाले साल्वर की संख्या कम हो गई है। हालांकि गैंग से जुड़े लोग जमानत तक कराने की जिम्मेदारी लेते हैं, लेकिन फिर भी अब बिहार से कम लोग आते हैं। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी पेपर हल करने के लिए आते हैं। स्कूल से छुट्टी लेकर यहां पहुंचते हैं।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- SCIENCE QUIZ: शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु विज्ञान विषय प्रश्नोत्तरी पार्ट-2
- शासन की नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों से छीन रही बुढ़ापे का सहारा, 28 अक्टूबर को देश के प्रत्येक सांसद आवास पर रखा जाएगा एक दिन का उपवास
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों (school management committe -smc ) का प्रशिक्षण मॉड्यूल वर्ष training module 2019-20
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
Govt Jobs : Opening
यूपी के गैंग ने बिहार में तैयार कर रखे 800 साल्वर, हर विषय का होता है स्पेशल मास्टर
उत्तर प्रदेश में सक्रिय साल्वर गैंग ने पेपर हल करने के लिए बिहार में ही
करीब 800 साल्वर तय कर रखे हैं। इनमें कोई साइंस का जानकार है तो कोई गणित
और अंग्रेजी का। कई तो प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक हैं या फिर अपनी कोचिंग
चलाते हैं। कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों को भी साल्वर बना लिया गया है।
उत्तर प्रदेश में होने वाली हर परीक्षा में साल्वर गैंग अभी तक सेंधमारी
करता रहा है। पिछले दो साल से जरूर एसटीएफ या फिर दूसरी एजेंसियों की
सक्रियता के चलते साल्वर गैंग अपने मंसूबों में पूरी तरह से कामयाब नहीं हो
पा रहा है, वरना तो पेपर आउट कराना या फिर सेंटर से बाहर कापी लिखवाना
इनके लिए बड़ा आसान था। रविवार को ही शिक्षक भर्ती परीक्षा में कई जगह
साल्वर पकड़े गए। मथुरा में भी जैन चौरासी इंटर कालेज में बिहार के खेरा के
गांव निवासी मृत्युंजय कुमार को पकड़ा था। एसटीएफ ने उससे पूरे नेटवर्क के
बारे में जानकारी की।
मृत्युंजय से एसटीएफ को पता चला है कि परीक्षाओं में पेपर हल कराने वाले लोग बिहार में कोचिंग संचालक और कोचिंग करने वाले छात्रों के संपर्क में रहते हैं। पहले ऐसे लोगों की संख्या 800 के करीब थी, लेकिन अब जब से गिरफ्तारियां होने लगी हैं वहां से आने वाले साल्वर की संख्या कम हो गई है। हालांकि गैंग से जुड़े लोग जमानत तक कराने की जिम्मेदारी लेते हैं, लेकिन फिर भी अब बिहार से कम लोग आते हैं। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी पेपर हल करने के लिए आते हैं। स्कूल से छुट्टी लेकर यहां पहुंचते हैं।
मृत्युंजय से एसटीएफ को पता चला है कि परीक्षाओं में पेपर हल कराने वाले लोग बिहार में कोचिंग संचालक और कोचिंग करने वाले छात्रों के संपर्क में रहते हैं। पहले ऐसे लोगों की संख्या 800 के करीब थी, लेकिन अब जब से गिरफ्तारियां होने लगी हैं वहां से आने वाले साल्वर की संख्या कम हो गई है। हालांकि गैंग से जुड़े लोग जमानत तक कराने की जिम्मेदारी लेते हैं, लेकिन फिर भी अब बिहार से कम लोग आते हैं। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी पेपर हल करने के लिए आते हैं। स्कूल से छुट्टी लेकर यहां पहुंचते हैं।
الاشتراك في:
تعليقات الرسالة (Atom)
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق