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अब महिला शिक्षामित्रों के स्कूल से दूर नहीं होगी ‘ससुराल’

बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में समायोजित शिक्षामित्रों को मूल विद्यालयों में भेजे जाने के लिए शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए शिक्षामित्रों से आवेदन मांगे गए हैं।
शासन के निर्देश पर महिला शिक्षामित्रों को ससुराल के पास के स्कूल में जाने के विशेष विकल्प दिए गए हैं। सरकार के इस निर्णय से जिले के लगभग 830 महिला शिक्षामित्रों को लाभ होगा।
बता दें कि वर्ष 2014 में तत्कालीन सपा सरकार में हजारों की संख्या में शिक्षामित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक बना दिया था। बाद में इन्हें मूल विद्यालय से इतर विद्यालयों में भेज दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने यह समायोजन को अवैध करार देते हुए वर्ष 2017 में इसे रद्द कर दिया था। इसके बाद शिक्षामित्र बराबर सरकार से मांग कर रहे थे कि उन्हे मूल विद्यालय में समायोजित किया जाए। देर से सही लेकिन सरकार ने शिक्षामित्रों की इस मांग को मान लिया है। अब शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि वह समायोजित शिक्षामित्रों को पांच अगस्त तक मूल विद्यालयों में तैनात कर दिया जाए। आदेशों में यह भी कहा गया था कि विकल्पों के आधार पर यदि महिला शिक्षामित्र ससुराल और पति के घर के नजदीक के विद्यालय में जाना चाहती है तो उन्हे वहीं पर तैनात किया जाए। यदि वह अपने तैनाती स्थल से अंदर नहीं जाना चाहती है तो न भेजा जाए। शासन के आदेशों के क्रम बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मूल विद्यालय जाने के लिए शिक्षामित्रों से आवेदन मांगे गए हैं। बता दें कि जनपद मे 1700 शिक्षामित्र विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं। इनमें 830 महिला और 880 पुरुष शामिल हैं। बीएसए अम्बरीष कुमार का कहना है कि शिक्षामित्रों की तैनाती सरकार की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से होगी। शिक्षामित्रों से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन पत्र मिलने के बाद समिति निर्णय लेगी। सरकार की मंशा के अनुरूप महिला शिक्षामित्रों की तैनाती ससुराल के पास के स्कूल में की जाएगी।

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