इलाहाबाद : प्रदेश के अपर निदेशक बेसिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय
आखिरकार फिर बहाल हो गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने उन्हें दो फरवरी
को सेवा से कार्यमुक्त कर दिया था। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा संजय
अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पांडेय ने शिक्षा निदेशालय
पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
उप्र लोकसेवा आयोग यानी यूपी पीएससी की पांच साल की भर्तियों की जांच
सीबीआइ कर रही है लेकिन, आयोग में गलत चयन के तमाम प्रकरण पहले से हैं।
आयोग से पीईएस में चयनित पांडेय को शिक्षा विभाग की सेवा में रहते तीसरी
बार कार्यमुक्त होना पड़ा। असल में चार अक्टूबर, 2016 को हाईकोर्ट ने अपने
अंतरिम आदेश को निरस्त करके विनय कुमार की याचिका खारिज कर दी थी। उस समय
उनके अधिवक्ता कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। दो फरवरी 2018 को अपर मुख्य
सचिव माध्यमिक शिक्षा अग्रवाल ने उन्हें सेवा से पृथक करने का आदेश दिया।
यह प्रकरण फिर हाईकोर्ट पहुंचा और 13 मार्च, 2018 को कोर्ट ने आदेश दिया कि
विनय कुमार को नियुक्ति के पद पर यथावत बनाए रखा जाए। यह आदेश शासन ने
न्याय विभाग को भेजा और वहां से रिपोर्ट आने में चार माह लग गए। अपर मुख्य
सचिव ने अपने आदेश में हाईकोर्ट के दोनों आदेशों का विस्तार से जिक्र करते
हुए निर्देश दिया कि पांडेय को नियुक्ति के पद पर यथावत बनाए रखते हुए सेवा
संबंधी सभी लाभ दिए जाएंगे। यह आदेश होते ही पांडेय ने शिक्षा निदेशालय
पहुंचकर एडी बेसिक का कार्यभार ग्रहण कर लिया। अभी तक अपर निदेशक बेसिक के
पद पर कीर्ति गौतम तैनात रही हैं।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- UPTET Yachi List : 72,825 याची लिस्ट देखने और डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें
- एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2014 पर शिकंजा, एफआईआर की संस्तुति
- 124000 शिक्षामित्र जो NCTE परमिटेड हैं के लिए मिल सकती है कोर्ट से TET में राहत: पढें मानवेंद्र यादव अधिवक्ता (उच्च न्यायालय इलाहबाद) की पोस्ट

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق