सहायक अध्यापक से फिर शिक्षामित्र बनने का एक वर्ष पूरा करने वाले
शिक्षामित्रों ने बुधवार को अलग अंदाज में अपनी नाराजगी जताई। पहले काली
पट्टी बांध कर पढ़ाया। फिर स्कूलों में बैठ कर मुंडन कराया। शाम को कैंडिल
मार्च निकाला। इनका विरोध सरकार की नीति को लेकर था। वे समान कार्य समान
वेतन की मांग कर रहे थे। उन शिक्षामित्रों को श्रद्धांजलि भी दी जिनकी अब
तक मौतें हो चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने पहले प्रदेश स्तर पर अपना विरोध
दर्ज कराने का निर्णय लिया था। इसके अंतर्गत लखनऊ में शहीद पार्क में पहले
हवन पूजन किया फिर ईको पार्क में महिला शिक्षामित्रों ने मुंडन कराया।
इसकी आंच शहर तक पहुंची। इसके बाद यहां भी विरोध शुरू हो गया।
शिक्षामित्रों ने बाहों में काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। कहा, सरकार
को अपने किए वादे पूरे करने चाहिए थे। वे समान कार्य समान वेतन की मांग कर
रहे थे। स्कूलों में छुट्टी के बाद शिक्षकों ने मुंडन भी शुरू करा दिया।
इसमें महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हुईं। शाम को भदौरिया पार्क से कैंडिल
मार्च निकाला।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह
ने कहा कि नगर में शिक्षामित्रों में काफी आक्रोश रहा। शिक्षामित्र अब
अपना आंदोलन और तेज करेंगे। शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांध कर अपना
विरोध दर्ज करा दिया है।
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