जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर): वीर बहादुर ¨सह पूर्वांचल
विश्वविद्यालय में होने वाले संविदा शिक्षकों के साक्षात्कार पर ब्रेक लग
गया।
इससे विश्वविद्यालय को बड़ा झटका लगा है। इंजीनिय¨रग के संविदा
शिक्षकों ने कोर्ट की शरण ली तो इस पर रोक लगा दी गई। विवादित सीट के लिए
अब साक्षात्कार अग्रिम आदेश तक नहीं होगा।
विश्वविद्यालय इंजीनिय¨रग संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों में वर्षों
से संविदा पर कई शिक्षक पढ़ा रहे हैं। फिर भी विश्वविद्यालय ने संविदा
शिक्षकों के लिए साक्षात्कार आवेदन निकाल दिया। जिसमें संविदा सीटों की
स्थिति स्पष्ट नहीं थी। संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार 31
जुलाई से दो अगस्त के बीच में निर्धारित की गई है। संविदा शिक्षकों को 30
हजार रुपये दिया जाना है। सभी अभ्यर्थियों को सीधे साक्षात्कार को बुलाया
गया है। विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षक डा. मुनींद्र कुमार ¨सह समेत चार
अन्य शिक्षकों ने खुद की नियुक्ति पर संकट मंडराते देख तत्काल उच्च
न्यायालय की शरण में चले गए। कोर्ट ने याचियों की सीट पर भर्ती के लिए 2021
तक रोक लगा दी है। इस बारे में संविदा शिक्षकों का कहना है कि हम लोग कई
वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं, शिक्षक हित में इन शिक्षकों को भी आगे
प्राथमिकता के आधार पर अवसर देना चाहिए। इसके बाद शेष पदों पर साक्षात्कार
कराना चाहिए। अचानक संविदा के लिए आवेदन फॉर्म निकालकर हम लोगों को दो
राहों पर खड़ा कर दिया गया है। विश्वविद्यालय मनमाने ढंग से भर्ती कर रहा
था, जिसपर कोर्ट ने रोक लगा दी है। आदेश को कुलसचिव सुजीत जायसवाल को
शनिवार को रिसीव करा दिया गया है। इस बाबत कुलसचिव से पूछा गया तो वह कुछ
भी बोलने से कतराते रहे।
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