गोरखपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है।
देवरिया जिले के प्राथमिक विद्यालय मुंडेरा खुर्द में तैनात प्रधानाध्यापक
उज्ज्वल नारायण राय के नाम पर एक जालसाज आजमगढ़ के मेहनगर के प्राथमिक
विद्यालय गौरा प्रथम में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहा है।
आयकर
रिटर्न भरने के दौरान दो वेतन प्रविष्टि की जांच से इसका खुलासा हुआ है।
जांच में पता चला है कि जालसाज शिक्षक की तस्वीर न तो सर्विस बुक पर है और न
ही प्राथमिक विद्यालय गौरा प्रथम की हाजिरी रजिस्टर में। ऐसे में विभागीय
लोगों की मिलीभगत भी सामने आई है। फिलहाल आजमगढ़ बीएसए की तरफ से कार्रवाई
का इंतजार है।
भटनी क्षेत्र के दुल्लह छपरा गांव निवासी उज्ज्वल नारायण राय सदर विकास
खंड के प्राथमिक विद्यालय मुंडेरा खुर्द में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात
हैं। वर्ष 2017-18 का आयकर रिटर्न फार्म 26 एएस भरने पर ज्ञात हुआ कि उनके
पैन कार्ड नंबर पर दो वेतन की प्रविष्टि हो रही है। छानबीन करने पर पता
चला कि दूसरा वेतन आजमगढ़ ट्रेजरी से जारी किया जा रहा है। उन्होंने तत्काल
आजमगढ़ के कोषाधिकारी से संपर्क किया। कोषागार कार्यालय की तरफ से जानकारी
दी गई कि यह वेतन आजमगढ़ जनपद के मेहनगर के प्राथमिक विद्यालय गौरा प्रथम
में कार्यरत सहायक अध्यापक उज्ज्वल नारायन राय के नाम पर जारी हो रहा है।
शैक्षिक प्रमाण-पत्रों का दुरुपयोग करते हुए उनके नाम पर नौकरी करने की
जानकारी होने की पुष्टि होने पर वह दंग रह गए। इसकी शिकायत आजमगढ़ के जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी से की। बीएसए ने इसकी जांच संबंधित खंड शिक्षाधिकारी
से कराई। जांच में पता चला कि वह जालसाज प्राथमिक विद्यालय गौरा प्रथम में
सहायक अध्यापक बनकर नौकरी कर रहा है। जालसाज को उसके मोबाइल पर काल करके
कार्यालय बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया। बीएसए ने जालसाज के खिलाफ एफआईआर
दर्ज कराने का निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया है। वहीं जालसाज के
सर्विस बुक पर खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रमाणित नहीं किया है। वह विद्यालय
भी नहीं आता है। ऐसे में बिना विद्यालय आए ही लंबे समय से वेतन का भुगतान
पर सवाल उठ रहे हैं। उज्जवल नारायण राय ने बताया कि वह 2005 से देवरिया में
तैनात हैं। उनके शैक्षिक अभिलेखों का दुरुपयोग किया गया है। इस संबंध जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि इसकी
जानकारी मिली है। प्रधानाध्यापक ने इसकी शिकायत आजमगढ़ बीएसए से की है।
---------------
इसके पूर्व भी उजागर हुआ है मामला
देवरिया में बेसिक शिक्षा विभाग में जालसाजी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी कई मामले उजागर हो चुके हैं। पिछले वर्ष
संतकबीर नगर जिले के महाधान निवासी अभिषेक त्रिपाठी के शैक्षिक प्रमाण
पत्रों के सहारे रुद्रपुर के एक प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर
नौकरी करने का मामला सामने आया था। संतकबीर नगर के तहसील खलीलाबाद के
प्राथमिक विद्यालय उर्दहवा में बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत अभिषेक त्रिपाठी
पुत्र राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी का पीएनबी शाखा खलीलाबाद में बैंक खाता
है। उनके मोबाइल पर दूसरे बैंक शाखा से लेन-देन का मैसेज आने पर वह चौंक गए
गए थे। जांच होने पर पता चला कि उनके नाम व पता का कोई प्रयोग कर रहा है।
छदम व्यक्ति उनके पैन कार्ड संख्या व मतदाता पहचान पत्र का भी प्रयोग किया
है। छद्म व्यक्ति देवरिया के रुद्रपुर विकास खंड के एक प्राथमिक विद्यालय
में सहायक अध्यापक पद पर नौकरी कर रहा है। इस मामले में बेसिक शिक्षा विभाग
ने जालसाज के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की और मामला ठंडे बस्ते में
चला गया।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- SCIENCE QUIZ: शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु विज्ञान विषय प्रश्नोत्तरी पार्ट-2
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- शासन की नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों से छीन रही बुढ़ापे का सहारा, 28 अक्टूबर को देश के प्रत्येक सांसद आवास पर रखा जाएगा एक दिन का उपवास
- विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों (school management committe -smc ) का प्रशिक्षण मॉड्यूल वर्ष training module 2019-20
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें