इलाहाबाद : प्रदेश के करीब छह लाख बीएड बेरोजगारों के लिए बड़ी खुशखबरी
है। वह अब फिर बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बन
सकेंगे। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक बनने की
नियमावली में संशोधन करके अधिसूचना जारी कर दी है।
बेसिक के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात होने वाले शिक्षकों
की अर्हता एनसीटीई तय करता है। कुछ साल पहले एनसीटीई ने निश्शुल्क एवं
अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 23 की उपधारा (1) की ओर से
प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए और स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग
मानव संसाधन मंत्रलय भारत सरकार ने 23 अगस्त 2010 को शिक्षक भर्ती की
नियमावली तय की थी। उसमें बीएड को मान्य नहीं किया गया था। ऐसे में 2011 की
भर्ती में ही अंतिम बार बीएड अभ्यर्थियों को मौका मिला था।1अब परिषद के
सदस्य सचिव संजय अवस्थी की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना में कहा गया है कि
अब शिक्षक बनने के लिए स्नातक तथा प्राथमिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा
को शामिल किया जाता है अथवा 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक तथा शिक्षा
स्नातक (बीएड) भी मान्य होगा। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि अधिसूचना के
पैरा तीन, उप पैरा (ए) के स्थान पर नया उप पैरा जोड़ा गया है।
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