इस पर उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय गोरखपुर से अंकपत्र का सत्यापन कराया जाएगा। बताते चलें कि जनपद में विगत वर्ष हुई 15000 और 16448 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। जिसके कारण बहुत से शिक्षक नियुक्ति पाने से वंचित हो गए। इस पर उन्होंने शिकायत कर दी। इस शिकायत पर मंडलायुक्त के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने इसकी जांच जिला अर्थ संख्याधिकारी डा. अर्चना सिंह और अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह को सौंपी। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कुमारी शिवमुनि यादव, उषा, प्रभाकर मिश्रा, छोटेलाल और रमेश के विरुद्घ एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश जारी हो गया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने बीएसए को दोबारा जांच करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र पांडेय शुक्रवार को जांच के लिए श्री गांधी पीजी मालटारी में छोटेलाल के अंकपत्रों की जांच करने के लिए पहुंचे। जब उन्होंने महाविद्यालय में अभिलेख निकलवाए तो उनके होश उड़ गए क्योंकि महाविद्यालयों के अभिलेखों में कूटरचना की गई थी। जिससे महाविद्यालय कर्मियों के भी इसमें शामिल होने की संभावना प्रबल हो गई है।
देवेंद्र पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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