महिला शिक्षामित्रों को बीएसए उनकी ससुराल वाले स्कूलों में तैनाती नहीं दे
रहीं हैं। इससे नाराज शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को बीएसए दफ्तर में
जमकर हंगामा किया।
इस दौरान शिक्षामित्रों की बाबू से तीखी नोकझोंक हो गई।
बाद में शिक्षामित्र बीएसए से मिलीं और स्वेच्छा के आधार पर अपनी ससुराल
(पति के निवास) या उसके नजदीक के स्कूल में तैनाती की मांग की।
शिक्षामित्रों का आरोप है कि बीएसए उनकी दिक्कत समझना तो दूर उनसे सीधे
मुंह बात करना भी ठीक नहीं समझती हैं।
शासन के आदेश पर सभी शिक्षामित्रों की उनकी मूल तैनाती वाले स्कूलों में
नियुक्ति की जानी है। उन्हें यह विकल्प दिया गया था कि शादीशुदा महिला
शिक्षामित्र अपनी ससुराल या पति के निवास वाले स्कूल में स्वेच्छा के आधार
पर तैनाती ले सकती हैं। इसके बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग ने 182 में से केवल
80 महिलाओं की ही ससुराल के नजदीक वाले स्कूलों में तैनाती की सूची जारी
की। बाकी की नियुक्ति यह कहकर नहीं की गई कि वे जिन स्कूलों में जाना चाह
रही हैं, वहां पहले से दो-दो शिक्षामित्र हैं। हालांकि शिक्षामित्रों का
कहना है कि बीएसए ने कई स्कूलों में तीन-तीन शिक्षामित्रों की नियुक्ति भी
की है।
जिन स्कूलों में पहले से ही दो-दो शिक्षामित्र हैं, वहां तीसरे शिक्षामित्र
की तैनाती मुमकिन नहीं है। हालांकि बाकी शिक्षामित्रों की स्वेच्छा के
आधार पर नियुक्ति के लिए शीघ्र ही काउंसलिंग कराई जाएगी। - तनुजा त्रिपाठी,
बीएसए
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