यूपीएससी की तर्ज पर यूपीपीएससी ने यह निर्णय लिया है। इसे मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा जा रहा है। सीधी भर्ती के तहत अभी तक कुल रिक्तियों के सापेक्ष आए आवेदन के आधार पर एक पद के सापेक्ष आठ गुना अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाता था। जबकि जिन भर्तियों में पदों के सापेक्ष आवेदन आवश्यकता से काफी अधिक प्राप्त होते थे उनमें पहले स्क्रीनिंग परीक्षा कराई जाती थी, उसके बाद साक्षात्कार होते थे और परिणाम घोषित किए जाते थे। लेकिन, इसमें स्क्रीनिंग परीक्षा में मिले अंकों को नहीं जोड़ा जाता था। यूपीपीएससी ने इसी प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय लिया है।
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