लखनऊ : भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों से घिरे अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ लंबित अभियोजन स्वीकृति
के मामलों के निपटारे की कसरत तेज कर दी गई है। इनमें
आरोपित 563 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। इनमें सबसे
अधिक खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी आरोपित हैं।
1मुख्य सचिव
अनूप चंद्र पांडेय ने इन सभी मामलों में संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की
है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियों को जल्द अगली कार्रवाई के निर्देश
दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई
स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश
पर यह कसरत की जा रही है। बताया गया कि अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित
विजिलेंस के 61 मामलों में 134 अधिकारी-कर्मचारी आरोपित हैं। इनमें
चिकित्सा, सिंचाई, वन, माध्यमिक शिक्षा सहित 26 विभागों से जुड़े प्रकरण
शामिल हैं। 1ऐसे ही आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) में 18 विभागों
से जुड़े 50 केस हैं। इनमें 344 अधिकारी-कर्मचारी आरोपित हैं। ईओडब्ल्यू
के केसों में खाद्य एवं रसद विभाग के , ग्रामीण विकास के 32, सहकारिता के
12, समाज कल्याण के 12, मेडिकल के 11 व कृषि के 10 अधिकारी-कर्मचारी आरोपित
हैं। सीबीआइडी के 21 अहम केसों में अभियोजन स्वीकृति दी जानी है। इनमें 85
अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। साथ ही लोकायुक्त जांच के 78
विशेष प्रतिवेदन के मामले भी लंबित हैं। इनमें राजस्व से जुड़े 10, गोपन
के 14, बेसिक शिक्षा के 12 व गृह विभाग से जुड़े चार मामले शामिल हैं।
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