Important Posts

Advertisement

Govt Jobs : Opening

68500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा बनती जा रही गड़बड़ी का पुलिंदा: अब अल्जिता चौधरी की बदली कॉपी, स्कैन कॉपी और परीक्षा के समय तैयार की कार्बन कॉपी के मिलान पर राजफाश

परिषदीय स्कूलों की सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा गड़बड़ी का पुलिंदा बनती जा रही है। अब एक और अभ्यर्थिनी अल्जिता चौधरी की कॉपी बदलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
खास बात यह है कि अल्जिता की कॉपी का मुख पृष्ठ सही है लेकिन, अंदर के पेज किसी और अभ्यर्थी के लगाकर उसे कॉपी दी गई है, क्योंकि परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से मिली स्कैन कॉपी और परीक्षा के समय तैयार कार्बन कॉपी में काफी अंतर है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा रिजल्ट आने के बाद से हंगामा मचा है। लगभग हर दिन नए पर्दाफाश हो रहे हैं। ताजा प्रकरण फैजाबाद के ग्राम दादेरा निवासिनी अल्जिता चौधरी पुत्री अशील चौधरी का है। अल्जिता अनुक्रमांक 59590200732 को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से कोर्ट के आदेश पर स्कैन कॉपी शुक्रवार को दी गई है।1 ‘डी’ सीरीज की कॉपी का जब उसने कार्बन कॉपी से मिलान किया तो दंग रह गई। उसका दावा है कि मुख पृष्ठ के सिवा कॉपी उसकी नहीं है। अल्जिता का दावा है कि प्रश्न संख्या 77 के उत्तर में उसने भाव वाच्य लिखा था, जबकि कॉपी में भाव वाचक लिखा है। ऐसे ही प्रश्न संख्या 78 के उत्तर में लिखावट का अंतर है। प्रश्न संख्या 82 में अभ्यर्थिनी ने ‘पूर्व दिशा पांच किलोमीटर दूर है’ लिखा था, जबकि स्कैन कॉपी में ‘पांच किलोमीटर व दक्षिण दिशा’ लिखा है। उसने स्कैन व कार्बन कॉपी साक्ष्य के रूप में दिया है। उधर, परीक्षा नियामक कार्यालय के अफसरों का कहना है कि बार कोडिंग की वजह से कॉपी का मुख पृष्ठ व शेष कॉपी अलग-अलग रखी गई हैं.

सोनिका की पहले ही बदल चुकी कॉपी 
भर्ती में अनुसूचित जाति की सोनिका देवी की कॉपी बदलने का प्रकरण 31 अगस्त को हाईकोर्ट के समक्ष उजागर हुआ था। साथ ही बार कोडिंग पर गंभीर सवाल उठे थे। कोर्ट के निर्देश पर सोनिका को भर्ती की काउंसिलिंग में उन्नाव जिले में प्रतिभाग कराया जा चुका है।

सौरभ की कॉपी अब तक नहीं मिली 
परीक्षा नियामक कार्यालय से पिछले दिनों 119 याचियों को हाईकोर्ट के आदेश पर कॉपी दिया जाना था। उसमें कॉपी मुहैया हुई लेकिन, सौरभ सिंह की कॉपी अब तक नहीं मिल सकी है। कहा जा रहा है कि यह सब बार कोडिंग गलत तरीके से होने के कारण हुआ है।स

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news