रिपोर्ट में बताया गया है कि अभी शिक्षक भर्ती की जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसलिए किसी पर भी आरोप तय नहीं किए जा सकते हैं। गड़बड़ियां किसने की है इसकी पहचान जांच पूरी होने के बाद हो सकेगी और अभी जांच में समय लगेगा। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़े शब्दों में सरकार से पूछा कि वह खुद ही बताएं कि कितने दिन में जांच पूरी हो जाएगी। मामले में कोर्ट ने सरकार को 7 दिन में हलफनामा देकर डेडलाइन बताने को कहा है। यानी शिक्षक भर्ती की जांच सरकार कितने दिन तक करेगी इसकी लिखित जानकारी अब कोर्ट को देनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को तय की गई है और इसी दिन सरकार को हलफनामा देकर जांच की डेडलाइन बतानी पड़ेगी।
क्या हुआ हाई कोर्ट में
शिक्षक भर्ती को लेकर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान गुरुवार को योगी सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती की जांच कर रही 3 सदस्यीय कमेटी की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति रिपोर्ट में अभी तक किसी पर आरोप तय होने और कोई निष्कर्ष निकाले जाने पर सरकार से जवाब मांगा। इस पर सरकारी वकील द्वारा बताया गया कि जांच में अभी और समय लगेगा और जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा इसलिए और वक्त दिया जाना चाहिए। फिलहाल हाईकोर्ट ने जांच समिति की प्रगति रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है और सरकार से जांच पूरी कर लेने की तिथि पूछी है ।
अब सरकार को क्या बताना होगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर अब सरकार को अगले सात दिनों में एक नया हलफनामा दाखिल करना होगा। जिसमें उसे बताना होगा कि अब तक जांच समिति ने क्या-क्या किया है और अभी तक होने वाली जांच के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी? सरकार के हलफनामे में जांच की आखिरी तारीख भी तय होगी और यह साफ होगा कि जांच कितने समय में पूरी हो जाएगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस इरशाद अली की एकल बेंच कर रही है और इसकी अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को तय की गई है।
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