इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उप्र को
निर्देश दिया है कि वह आवेदन में त्रुटि के कारण किसी भी छात्र का प्रवेश
करने से इन्कार न होने दें।
स्कूलों में ऑनलाइन प्रवेश की व्यवस्था करें,
ताकि आवेदन की त्रुटियां सुधारी जा सके। कोर्ट ने कृत कार्यवाही के ब्योरे
के साथ हलफनामा मांगा है। याचिका की सुनवाई आठ अक्टूबर को होगी। यह आदेश
मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले तथा न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ ने
ललितपुर के केहर सिंह की जनहित याचिका पर दिया है। ललितपुर के बीएसए ने
कोर्ट से पूरक हलफनामा दाखिल करने का समय मांगा ताकि वह कोर्ट को बता सकें
कि बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर क्या कार्रवाई की और सूची कोर्ट में
पेश कर करें। कोर्ट ने जानना चाहा कि गैर मान्यता के चल रहे स्कूलों के
विद्यार्थियों को किन स्कूलों में शिफ्ट किया।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- UPTET फॉर्म भरते समय अपलोड होने वाले Hand written declaration/हस्तलिखित घोषणा का प्रारूप

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें