एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : विधान परिषद में शिक्षामित्रों के मुद्दे पर
सरकार और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। इस मुद्दे पर सरकार के जवाब
से असंतुष्ट होने पर सपा सदस्यों ने वॉकआउट किया।
सपा की ओर से
एमएलसी नरेश उत्तम ने कार्य स्थगन के तहत शिक्षामित्रों की बदहाली का
मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में 1.26 लाख शिक्षामित्र
समायोजित होकर शिक्षक बन गए थे। भाजपा ने चुनाव से पहले शिक्षामित्रों से
बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन सरकार बनने के बाद शोषण शुरू कर दिया। इस वजह से
शिक्षामित्र आज आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। सपा नेता अहमद हसन और
अन्य नेताओं ने भी शिक्षामित्रों की बदहाली के लिए सरकार को जिम्मेदार
ठहराया। इस पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जब विपक्ष को लगता है कि
सरकार अच्छा काम कर रही है तो वह श्रेय लेने के लिए लोगों को भड़काने में
जुट जाता है। सभी शिक्षा मित्रों को मूल तैनाती वाले स्थान पर जाने का
प्रावधान कर दिया गया है। फिर भी कहीं विसंगति होगी तो उसे दूर कर दिया
जाएगा। शिक्षामित्रों को अधिक से अधिक लाभ देने के लिए उच्चस्तरीय समिति भी
गठित की है।
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