जौनपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
को काला झंडा दिखाने के आरोप में गिरफ्तार सपा नेता रजनीश मिश्र पर
पुलिसिया कहर बरपा। प्लास से उनके पैरों के नाखून उखाड़ दिए गए। अंगुलियों
को उसी प्लास से दबा दिया गया। थाने से लेकर जेल तक दी गई यातनाओं की
दास्तान उन्होंने छूटने के बाद शनिवार को सुनाई।
मुलायम यूथ ब्रिगेड के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रजनीश मिश्र को
पुलिस ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने के आरोप में
गिरफ्तार किया था। उन्हें शुक्रवार की शाम जेल से रिहा किया गया। नगर के
सिपाह स्थित एक होटल में रजनीश ने पीठ, गर्दन, हाथ, और पैर में चोट के
निशान दिखाते हुए कहा कि उनका मेडिकल कराने के बाद पुलिस थाने ले आई और
वहां बर्बरता से उनकी पिटाई की। लाठी और जूतों से मारा गया और उनके पैर के
अंगूठे व अंगुली के नाखून प्लास से उखाड़े गए। जेल में बंदी से पिटवाने की
कोशिश की गई। वह भागते हुए जेलर के पास गए तो बंदी जेलर के पास पहुंच गया
और उनके सामने भी उन्हें गालियां देता रहा। आरोप है कि जेल में उनकी हत्या
कराने की योजना थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चरमराई कानून व्यवस्था,
शिक्षक भर्ती में आदि जनविरोधी नीतियों के विरोध के लिए काला झंडा दिखा रहे
थे। तभी पुलिस वाले लाठी से पीटते हुए थाने ले गए। इसका वीडियो भी वायरल
हुआ था।
बताते चलें कि समाजवादी पार्टी
लगातार योगी सरकार पर हमलावर रही है। सरकार को कानून व्यवस्था समेत सभी
मोर्चे पर फेल बताते हुए पुलिस के बेजा इस्तेमाल का भी आरोप लगाती रही है।
सरकार के कामों का विरोध करने के लिये तकरीबन हर दौरे पर मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ को काला झण्डा दिखाने की कोशिश सपा कार्यकर्ताओं की ओर से की
जाती है। कई जिलों में ऐसा करने के दौरान कई सपा कार्यकर्ता पकड़े भी गए।
ऐसे ही एक घटनाक्रम में इलाहाबाद में अमित शाह के काफिले को काला झण्डा
दिखा रही छात्रा नेहा यादव की पुलिस द्वारा पिटायी और बाल पकडकर गाड़ी में
बैठाए जाने का वीडियो भी वायरल हुआ था।
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