इलाहाबाद : प्रदेश भर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट
के प्राचार्य निजी अल्पसंख्यक डीएलएड संस्थानों से साठगांठ करके गुपचुप
प्रवेश कराने में जुटे हैं।
यही वजह है कि अब तक एक भी डायट प्राचार्य ने
निजी अल्पसंख्यक संस्थानों में प्रवेश लेने वालों की रिपोर्ट नहीं भेजी है,
प्रवेश प्रक्रिया 14 अगस्त को पूरी हो चुकी है। सभी डायट प्राचार्यो को
निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह में प्रवेश की रिपोर्ट दें, अन्यथा
उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सूबे में डीएलएड 2018 का सत्र नियमित करने के लिए इस बार समय से प्रवेश
प्रक्रिया शुरू हुई। इसके लिए नौ मई को शासनादेश जारी हुआ और 23 मई को चयन व
प्रवेश की समय सारिणी घोषित की गई। इस बार ऑनलाइन व सीधे दोनों तरह से
अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। वहीं, अल्पसंख्यक निजी संस्थानों को 50
फीसद सीटों पर स्वयं प्रवेश लेने का अवसर दिया गया। यह प्रक्रिया 14 अगस्त
को ही पूरी हो चुकी है। 21 अगस्त को पूर्व परीक्षा नियामक सचिव ने सभी डायट
प्राचार्यो से प्रवेश लेने वालों की रिपोर्ट मांगी थी। परीक्षा नियामक
प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने डायट प्राचार्यो को इस संबंध में
कड़ा पत्र भेजा है इसमें लिखा है कि उनके संज्ञान में आया है कि निजी
अल्पसंख्यक संस्थान अब भी प्रवेश देने के लिए अभ्यर्थियों से संपर्क कर रहे
हैं।
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