इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिक स्कूलों की दशा व अनिवार्य
शिक्षा कानून (आरटीई) को पूरी तरह से लागू करने के संबंध में अब तक हुई
कार्यवाही रिपोर्ट के साथ अनुपालन पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से
हलफनामा मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केशरवानी ने नागेश्वर
प्रसाद पीएमवी देवरिया की प्रबंध समिति की याचिका पर दिया है। अगली सुनवाई
26 सितंबर को होगी।
महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अनिवार्य शिक्षा कानून नियमावली में जरूरी
बदलाव की प्रक्रिया जारी है। राज्य सरकार वैधानिक रूप से अनिवार्य शिक्षा
कानून को लागू करने के लिए बाध्य है। कोर्ट की ओर से मांगी गई सभी जानकारी
राज्य सरकार हलफनामे के जरिए उपलब्ध कराएगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को इससे
पहले निर्देश दिया था कि प्राथमिक स्कूलों के अध्यापकों व स्टॉफ का
कंप्यूटरीकृत डाटा तैयार किया जाए जिससे कि इनमें किसी की सेवानिवृति से
पहले ही रिक्त होने वाले पद पर नियुक्ति की जा सके और शिक्षण कार्य में
अवरोध न आने पाए। कोर्ट ने वेबसाइट पर डाटा अपलोड करने को भी कहा है। कोर्ट
ने सरकार से पूछा है कि क्या खाली पदों को भरने की अनुमति अपने आप देने का
तंत्र विकसित किया जा सकता है? जिससे कि खाली पदों को भरने के लिए अनुमति
लेने में अनावश्यक देरी न हो और सत्र शुरू होने से पहले ही अध्यापक नियुक्त
हो सकें।
कोर्ट ने अनिवार्य शिक्षा कानून के सभी उपबंधों का पालन कर अगली सुनवाई की तारीख पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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